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अमरनाथ यात्रा मार्ग पर 'बड़ी साजिश' नाकाम, ITBP ने खोजा मोर्टार सेल, सेना ने किया निष्क्रिय

नदी के किराने पत्‍थरों के ढेर के बीच मोर्टार सेल को छिपाया गया था. ITBP के जवानों ने केवल समय रहते इसका पता लगा लिया बल्कि सेना की मदद से उसे निष्क्रिय भी कर दिया.

अमरनाथ यात्रा मार्ग पर 'बड़ी साजिश' नाकाम,  ITBP ने खोजा मोर्टार सेल, सेना ने किया निष्क्रिय
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से अमरनाथ यात्रा को वैकल्पिक मार्ग से जारी रखा गया.

नई दिल्‍ली: ITBP के जवानों की सतर्कता के चलते अमरनाथ यात्रा मार्ग पर आतंकियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है. दरअसल, ITBP के सतर्क जवानों ने अमरनाथ यात्रा मार्ग पर आतंकियों द्वारा छिपाए गए एक मोर्टार सेल को बरामद किया है.  इस मोर्टार सेल को यात्रा मार्ग के बगल से गुजर रही नदी के किनारे पत्‍थरों के बीच छिपाया गया था. ITBP के जवानों की सूचना पर सेना की स्‍पेशल टीम ने इस मोर्टार को निष्क्रिय कर दिया है. 

ITBP के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, अमरनाथ यात्रा रूट की सुरक्षा पर तैनात  ITBP के जवानों को तैनात किया गया है. 19 जुलाई की शाम अमरनाथ यात्रा रूट पर ITBP की एंटी सबोटाज टीम के जवान गश्‍त कर रहे थे. शाम करीब 6:45 बजे, गंगानीर हंक पार्क से करीब 200 मीटर की दूरी पर ITBP की एंटी सबोटाज टीम के जवानों को पत्‍थरों का एक ढेर नजर आया. पत्‍थरों के इस ढेर को देकर ITBP की एंटी सबोटाज टीम के जवानों को शक हुआ. 

पत्‍थरों के नीचे मिला मोर्टार सेल
इसी शक के आधार पर उन्‍होंने पत्‍थरों को हटाकर देखना शुरू किया. पत्‍थरों के नीचे उन्‍हें जो खतरनाक वस्‍तु नजर आई, उसे देखकर ITBP की एंटी सबोटाज टीम के जवान सकते में आ गए. दरअसल, पत्‍थरों के नीचे एक टैंक के गोले जैसी वस्‍तु दबी थी. जांच के बाद पत्‍थर के नीचे से मिली इस खतरनाक वस्‍तु की पहचान 120 एमएम के मोर्टार सेल के रूप में हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए ITBP के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर ली. 

श्रद्धालुओ के लिए तैयार हुआ सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग
वहीं अमरनाथ यात्रा के लिए गुजर रहे श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित वैकल्पिक रास्‍ता तैयार किया गया. जिससे अमरनाथ यात्रा पर किसी तरह का कोई असर न पड़े. इसी बीच, इस मोर्टार सेल के बाबत सेना के अधिकारियों को सूचना दी गई. रात अधिक हो जाने के चलते ITBP के जवानों ने पूरे इलाके को सिक्‍योरि किया. जिससे किसी तरह की जनहानि न हो. 

सेना ने मोर्टार किया निष्क्रिय 
वहीं, 20 जुलाई की सुबह सेना की विशेष टीम मौके पर पहुंच गई. आर्मी इंजीनियरिंग की इस टीम ने मोर्टार को निष्क्रिय करने की कवायद शुरू की. करीब आठ घंटे से अधिक चली कवायद के बाद इस मोर्टार को  20 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे सफलता पूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया. सेना ने इस मोर्टार को अपने कब्‍जे में ले लिया है. वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से अमरनाथ यात्रा को वैकल्पिक मार्ग से जारी रखा गया. अमरनाथ यात्रा मार्ग पर इस मोर्टार सेल के मिलने के बाद सुरक्षाबलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.