अमरनाथ यात्रा: हेलीकॉप्‍टर बन रहे हैं भूस्‍खलन की वजह! पायलट्स को ऊंची उड़ान की सलाह

हेलीकॉप्‍टर की गड़गड़ाहट की वजह से पहाड़ के ऊपर कंपन हो रहा है, जिसकी वजह से भूस्‍खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं.

अमरनाथ यात्रा: हेलीकॉप्‍टर बन रहे हैं भूस्‍खलन की वजह! पायलट्स को ऊंची उड़ान की सलाह
मंगलवार देर शाम हुए हुए भूस्‍खलन में कई दर्जन श्रद्धालु जख्‍मी हो गए थे, जबकि कुछ की मौत हो गई थी. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: अमरनाथ यात्रा के दौरान अचानक भूस्‍खलन की बढ़ती घटनाओं ने यात्रा से जुड़े अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है. यात्रा से जुड़े अधिकारियों ने उन कारणों को खंगालना शुरू कर दिया है, जिनकी वजह से भूस्‍खलन होने की संभावनाएं हो सकती है. 

अब तक देखा गया था कि अक्‍सर तेज बारिश के बाद भूस्‍खलन की घटनाएं सामने आती थीं, लेकिन बीते दो दिनों से अमरनाथ यात्रा मार्ग पर बारिश भी रूकी हुई है. बावजूद इसके भूस्‍खलन की घटनाओं ने अधिकारियों के माथे पर बल ला दिया है. प्रारंभिक विवेचना के दौरान यात्रा से जुड़े अधिकारियों का ध्‍यान श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा तक पहुंचाने वाले हेलीकॉप्‍टर पर पड़ी.

विवेचना के दौरान यह पाया गया कि अमरनाथ यात्रा के लिए फेरी सर्विस करने वाले हेलीकॉप्‍टर अपनी निर्धारित ऊंचाई से काफी नीचे उड़ान भर रहे हैं. यात्रा से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि हेलीकॉप्‍टर की गड़गड़ाहट की वजह से पहाड़ के ऊपर कंपन हो रहा है, जिसकी वजह से भूस्‍खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. 

भूस्‍खलन से जुड़े इस तथ्‍य के सामने आने के बाद यात्रा से जुड़ी विभिन्‍न एजेंसियों के अधिकारियों ने हेलीकॉप्‍टर सेवा प्रदान करने वाली एजेंसियों से बात की. बातचीत के दौरान हेलीकॉप्‍टर एजेंसियों का तर्क था कि खराब मौसम की वजह से वह अधिक ऊंचाई पर उड़ान नहीं भर सकते हैं. 

जबकि यात्रा से जुड़े कुछ अधिकारी यह मानते हैं कि अमरनाथ यात्रियों को पवित्र गुफा तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्‍टर ज्‍यादा से ज्‍यादा फेरे लगाना चाहते हैं.  इस दौरान, हेलीकॉप्‍टर अधिक ऊंचाई पर उठान भरता है तो उसे निर्धारित ऊंचाई तक पहुंचने और नीचे उतरने में अतिरिक्‍त समय लगेगा. 

जिससे हेलीकॉप्‍टर के फेरे कम हो जाएंगे. इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यात्रा से जुड़ी नोडल एजेंसीज ने हेलीकॉप्‍टर ऑपरेटर से कहा कि फेरी सर्विस के दौरान उनके हेलीकॉप्‍टर की ऊंचाई को बढ़ाया जाए. हेलीकॉप्‍टर की ऊंचाई कम से कम इतनी होनी चाहिए, जितनी ऊंचाई पर हेलीकॉप्‍टर की गड़गड़ाहट पहाड़ों में कंपन पैदा न कर सके. 

उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार शाम रेलपत्री से बरारीमार्ग के बीच हुए भूस्‍खलन में चार श्रद्धालुओं की मृत्‍यु हो गई थी, जबकि दर्जनों श्रद्धालु जख्‍मी हो गए थे. इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक कुल दस लोगों की मौत हो चुकी है. जिसमें कुछ लोगों की मौत की वजह हार्ट अटैक भी था.