सीएम अमरिंदर का सिद्धू को लेकर बड़ा बयान, मैंने कहा था-'न जाएं पाकिस्तान, इसके बावजूद वह गए'

अमरिंदर ने कहा था कि जिस देश के आतंकी हमारे सैनिकों को मार रहे हों, वहां मैं नहीं जा सकता. अब उन्होंने अपने ही मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने पर मचे बवाल पर कहा, मैंने उन्हें अपना स्टैंड बता दिया था कि मैं नहीं जाऊंगा, इसके बावजूद भी पाकिस्तान गए.

सीएम अमरिंदर का सिद्धू को लेकर बड़ा बयान, मैंने कहा था-'न जाएं पाकिस्तान, इसके बावजूद वह गए'

नई दिल्ली : करतारपुर कॉरिडोर के खुलने की खबरों के साथ ही इससे जुड़ी राजनीति और विवाद गर्माने लगे हैं. पाकिस्तान ने 28 तारीख को इसके लिए होने वाले समारोह में भारत से सुषमा स्वराज, अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को बुलाया था. सुषमा और अमरिंदर तो नहीं गए, लेकिन सिद्धू फिर से पहुंच गए. उनके वहां जाने से एक बार फिर से बवाल मचता दिख रहा है. ये पहले से ही पता चल गया था कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू में इस मुद्दे पर तनातनी है.

अमरिंदर ने कहा था कि जिस देश के आतंकी हमारे सैनिकों को मार रहे हों, वहां मैं नहीं जा सकता. अब उन्होंने अपने ही मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने पर मचे बवाल पर कहा, मैंने उन्हें अपना स्टैंड बता दिया था कि मैं नहीं जाऊंगा. जब उनका पाकिस्तान जाने का कार्यक्रम मेरे पास मंजूरी के लिए आया तो मैंने उनसे कहा कि वह इस पर फिर से विचार करें. जब मैंने उनसे इस बारे में अपने विचार के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान जाने का वादा कर चुके हैं. उन्होंने कहा, ये उनकी निजी यात्रा है. हालांकि उन्होंने कहा था कि एमपी में प्रचार के बाद वह मुझसे इस बारे में बात करेंगे. लेकिन इसके बाद उन्होंने अब तक कुछ नहीं बताया. मैं वैसे भी किसी को पाकिस्तान या दूसरे देश जाने से नहीं रोकते, वैसे भी ये उनकी निजी यात्रा है.

करतारपुर गलियारे के लिये बुधवार को नींव रखेंगे इमरान खान
पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की नींव प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को रखेंगे. इससे भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी. पाकिस्तान में करतारपुर साहिब, रावी नदी के पार डेरा बाबा नानक से करीब चार किलोमीटर दूर है. सिख गुरु ने 1522 में इसे स्थापित किया था. पहला गुरुद्वारा, गुरुद्वारा करतारपुर साहिब यहां बनाया गया था जहां माना जाता है कि गुरु नानक देव जी ने अंतिम दिन बिताए थे.

पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मंगलवार को कहा कि करतारपुर गलियारे के छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है. यह कदम अगले साल गुरु नानक जी की 550वीं जयंती से पहले उठाया गया है. भारत ने भी कहा है कि वह गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक एक गलियारा विकसित करेगा जिससे गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके.