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हनी ट्रेप आकर कर रहा था जासूसी, वायुसेना का ग्रुप कैप्टन गिरफ्तार

सेना के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के लिए सख्त नियम हैं. लेकिन एक अधिकारी ने सोशल मीडिया पर हनी ट्रेप में फंसकर ना केवल नियमों को तोड़ा बल्कि अपने ही विभाग की जासूसी करने लगा. 

हनी ट्रेप आकर कर रहा था जासूसी, वायुसेना का ग्रुप कैप्टन गिरफ्तार
एयरफोर्स अधिकारी को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है

नई दिल्ली : सेना के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के लिए सख्त नियम हैं. लेकिन एक अधिकारी ने सोशल मीडिया पर हनी ट्रेप में फंसकर ना केवल नियमों को तोड़ा बल्कि अपने ही विभाग की जासूसी करने लगा. भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी को जासूसी के आरोप में हिरासत में ले लिया गया है. यह अधिकारी यहां वायुसेना मुख्यालय में तैनात था. वायुसेना के केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच दल ने एक नियमित जासूसी रोधी चौकसी के दौरान पाया कि अधिकारी अनधिकृत इलेक्ट्रानिक उपकरणों के जरिए अवांछित गतिविधियों में लिप्त था. यह अधिकारी ग्रुप कैप्टन के पद पर है.

हनी ट्रेपिंग में फंसा
सूत्र ने कहा कि यह मामला हनी ट्रैपिंग का है और कथित तौर पर अधिकारी ने यह काम फेसबुक पर एक महिला से संपर्क में आने के बाद शुरू किया है. अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया है और उससे आगे की पूछताछ की जा रही है.

सोशल मीडिया पर उजागर की पहचान
सेना के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय होने के लिए एक सख्त संहिता है, जिसके तहत सैनिकों को अपनी पहचान, पद, तैनाती और अन्य पेशेवर विवरण साझा करने पर पाबंदी है. वर्दी में तस्वीर भी लगाने पर पाबंदी है. दिसंबर, 2015 में दिल्ली पुलिस ने एक बर्खास्त वायुसेना अधिकारी को पाकिस्तानी इंटर सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) द्वारा समर्थित जासूसों को कथित तौर पर सूचना साझा करने के लिए गिरफ्तार किया था.

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अधिकारी वापस बुलाए
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अब विदेशों में तैनात भारतीय अधिकारियों को अपना निशाना बना रही है. अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसाकर उनसे खुफिया जानकारी हासिल करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन भारतीय खुफिया विभाग ने आईएसआई की इस साजिश को सफल होने से पहले ही नाकाम कर दिया है. भारत ने फौरन कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में तैनात तीन अधिकारियों को वापस बुला लिया है. ये अधिकारी उच्चायोग में जरूरी कागजों के ट्रांसलेशन का काम किया करते थे.