आनंद तेलतुंबड़े की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला : माकपा

तेलतुंबड़े को गिरफ्तार किए जाने को उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश का उल्लंघन बताया है जिसमें  उन्हें  गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया

आनंद तेलतुंबड़े की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला : माकपा
बयान के अनुसार गिरफ्तारी से संरक्षण की अवधि 11 फरवरी को समाप्त हो रही है.(फाइल फोटो)

नई दिल्लीः  माकपा ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा शिक्षाविद् आनंद तेलतुंबड़े की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए इसे भाजपा सरकार की दमनकारी नीति का हिस्सा बताया है. माकपा पोलित ब्यूरो द्वारा शनिवार को जारी बयान में पार्टी ने शनिवार तड़के मुंबई हवाई अड्डे पर तेलतुंबड़े को गिरफ्तार किए जाने को उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश का उल्लंघन बताया है जिसमें अदालत ने उन्हें चार सप्ताह के लिए गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया, जिससे वह जमानत ले सकें. 

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बयान के अनुसार गिरफ्तारी से संरक्षण की अवधि 11 फरवरी को समाप्त हो रही है. पार्टी ने इसके पहले ही तेलतुंबड़े की गिरफ्तारी को मोदी सरकार के सांप्रदायिक एजेंडे की खिलाफत करने वालों के विरुद्ध भाजपा सरकारों की दमनकारी नीति का परिणाम बताया. माकपा ने इसे अलोकतांत्रिक कार्रवाई बताते हुए अभिव्यक्ति की आजादी पर इस हमले के खिलाफ सभी लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष संगठनों से एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया है.