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प्रियंका बनें अध्‍यक्ष, किसी गैर गांधी को बनाया तो कांग्रेस में बन जाएंगे कई क्षेत्रीय दल: अनिल शास्‍त्री

अनिल शास्‍त्री ने कहा, कांग्रेस में कोई भी ऐसा नेता नहीं है जो पार्टी को एक रख सके. पार्टी में एकता बनाए रखे, और सब उसको स्वीकारें. अगर कोई अध्यक्ष बनाया जाता है और एक धड़ा उसको स्वीकार नहीं करता है तो विखराव के आसार हो सकते हैं.

प्रियंका बनें अध्‍यक्ष, किसी गैर गांधी को बनाया तो कांग्रेस में बन जाएंगे कई क्षेत्रीय दल: अनिल शास्‍त्री
कांग्रेस के कई नेता प्र‍ियंका गांधी को अध्‍यक्ष बनाने की मांग कर चुके हैं. फोटो : IANS

नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस पार्टी नेतृत्‍व संकट के दौर से गुजर रही है. राहुल गांधी ने अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा दे दिया है. पार्टी की तमाम गुजारिशों के बाद भी वह इस्‍तीफा वापस लेने के लिए तैयार नहीं हैं. इस पर कांग्रेस के नेता अनिल शास्‍त्री ने कहा, यदि कांग्रेस की कमान किसी गैर कांग्रेसी नेता को मिली तो पार्टी क्षेत्रीय दलों में टूट सकती है. महाराष्‍ट्र, बंगाल और आंध्र में जिस तरह कांग्रेस से टूटकर दल उसके सामने आ गए हैं, ऐसी हालत बाकी जगहों पर भी हो सकती है.

अनिल शास्‍त्री ने कहा, राहुल गांधी ने इस्तीफा दिया है, मैं उनकी भावनाओं का सम्मान करता हूं. कांग्रेस पार्टी को नेतृत्व की आवश्यकता है, जिस संकट से हम गुजर रहे हैं ये अनिवार्य है कि जल्द से जल्द पार्टी को नया अध्यक्ष मिलना चाहिए.
इस मामले में देरी सही नहीं है.

गैर कांग्रेसी नेता के अध्‍यक्ष बनने के सवाल पर शास्‍त्री ने कहा, कांग्रेस में कोई भी ऐसा नेता नहीं है जो पार्टी को एक रख सके. पार्टी में एकता बनाए रखे, और सब उसको स्वीकारें. अगर कोई अध्यक्ष बनाया जाता है और एक धड़ा उसको स्वीकार नहीं करता है तो विखराव के आसार हो सकते हैं. जैसे बंगाल में एक तरफ ममता कांग्रेस है. आंध्र में YSR CONG है. महाराष्‍ट्र में शरद पवार एनसीपी है. मेरा मानना है कि अगर मजबूत लीडरशिप नहीं हुई कई राज्‍यों में कांग्रेस क्षेत्रीय पार्ट‍ियों में बंट सकती है- चाहे हरियाणा, महाराष्ट्र हो.. इसलिए सशक्त नेता जिसकी acceptability हो, कोई मतभेद न हो, अगर ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं तो गांधी परिवार के अलावा कोई और नहीं है.

अनिल शास्‍त्री ने कहा, कांग्रेस पार्टी/जनों की मानसिकता आप बदल नहीं सकते हैं. 40-50 दिनों में revolution लाना चाहें वो नहीं हो सकता क्योंकि बहुत पुरानी पार्टी है. प्रियंका गांधी से बेहतर नेता नहीं है. पार्टी के नेताओं को साथ लेकर चलने की क्षमता है. जनमानस में भी उनकी अपील है. उनकी acceptability कांग्रेस के अंदर 100% है, और क्योंकि acceptability 100% नहीं है इसलिए शायद देर हो रही है. आज कांग्रेस की स्थिति बन गई है कि- गांधी परिवार के बिना कांग्रेस के existence बना रहेगा कि नहीं इस पर सवाल उठता है.