...जब नदी के रेत में निकले चांदी के सिक्‍के, निकालने के लिए लगी होड़

'मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती', ये देशभक्ति गीत तो आपने सुना ही होगा. रविवार को राजस्‍थान के भरतपुर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. भरतपुर के भुसावर की बाणगंगा नदी में रेत खुदाई के दौरान चांदी की सिक्के निकलने लगे. सिक्‍के निकलने की खबर लोगों के बीच जंगल में आग की तरह फैल गई.

भरतपुर : 'मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती', ये देशभक्ति गीत तो आपने सुना ही होगा. रविवार को राजस्‍थान के भरतपुर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. भरतपुर के भुसावर की बाणगंगा नदी में रेत खुदाई के दौरान चांदी की सिक्के निकलने लगे. सिक्‍के निकलने की खबर लोगों के बीच जंगल में आग की तरह फैल गई.

काफी पुराने हैं सिक्के
फिर क्‍या था आसपास के गांवों के लोग चांदी के सिक्‍कों की खुदाई करने के लिए मौके पर बीबी और बच्‍चों के साथ पहुंच गए. नदी के रेत में मिले चांदी के सिक्के काफी पुराने बताए जा रहे हैं. सिक्के मिलने की खबर इलाके में तेजी से फैली और आसपास के गांव से लोग बड़ी तादाद में वहां खुदाई करने पहुंच गए.

इलाके में तेजी से फैल गई खबर
कुछ लोग खुदाई करके सिक्के पाने में कामयाब भी हुए, कुछ खाली हाथ अपने घर लौट आए. जानकारी के मुताबिक, भुसावर के खेडली मोड हिंगोटा सड़क रोड पर बाणगंगा नदी में खुदाई के दौरान सिक्के निकलने की खबर इलाके में तेजी से फैल गई. लोग फावड़े और खुदाई के दूसरे औजार लेकर नदी पर पहुंचकर सिक्के निकालने में जुट गए.

सिक्‍कों पर महारानी विक्टोरिया की तस्वीर
स्‍थानीय खबरों के मुताबिक खुदाई में निकले सिक्के चांदी के हैं और उनपर सन 1919 और 1904 लिखा हुआ है और महारानी विक्टोरिया की तस्वीर बनी हुई है. जब गांववालों से इस मामले की जानकारी ली गई तो कुछ ने बताया कि यहां पर काफी लोगों को सिक्के पाने में कामयाबी भी मिली है.