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टैंकों का सबसे बड़ा शिकारी कहा जाता है APACHE, अमेरिकी सेना भी मानती है संकटमोचक

पठानकोट एयरबेस से जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान के फिर से मिग-21 से उड़ान भरने के 24 घंटे के भीतर ही इसी एयरबेस पर वायुसेना की सैन्‍य ताकत में इजाफा करने के लिए मंगलवार को 8 अपाचे (Apache) (AH-64 E) लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर शामिल किए जाने वाले हैं.

टैंकों का सबसे बड़ा शिकारी कहा जाता है APACHE, अमेरिकी सेना भी मानती है संकटमोचक

नई दिल्‍ली: भारत-पाकिस्‍तान के बीच बढ़ते तनाव और पठानकोट एयरबेस से जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान के फिर से मिग-21 से उड़ान भरने के 24 घंटे के भीतर ही इसी एयरबेस पर वायुसेना की सैन्‍य ताकत में इजाफा करने के लिए मंगलवार को 8 अपाचे (Apache) (AH-64 E) लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर शामिल किए जाने वाले हैं. उल्‍लेखनीय है कि पठानकोट एयरबेस पाकिस्तानी सीमा से महज 25-30 किलोमीटर दूर है. अपाचे (Apache) दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू हेलीकॉप्‍टरों में शुमार है. दुश्मनों के खिलाफ अमेरिकी सेना भी इसे अपना संकटमोचक मानती है.

खास खूबियां:
1. अपाचे (Apache) से फायर की जाने वाली हेलीफायर मिसाइल 6 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य पर अचूक निशाना लगा सकती है. हेलीफायर मिसाइल का हमला इतना सटीक है कि खराब मौसम में भी ये दुश्मन पर सही निशाना लगाती है. इस मिसाइल की वजह से ही अपाचे को टैंक का सबसे बड़ा शिकारी माना जाता है.

2. अपाचे (Apache) में रोशनी और अंधेरे में एक समान ताकत से लड़ने की क्षमता है. इसमें लगे कैमरे रात के अंधेरे में भी दोस्त और दुश्मन की पक्की पहचान कर सकते हैं. अगर टैंक छिपने की कोशिश करे तो भी उसके इंजन की गर्मी अपाचे (Apache) के कैमरे को अपना पता बता देती है. इसके बाद टैंक को खत्म करना बटन दबाने जितना आसान है.

3. दुश्मन के खिलाफ पहला हमला कम से कम वक्त में करना अपाचे की बड़ी विशेषता है. अपाचे (Apache) के पायलट जिस तरफ देखते हैं, उसमें लगी ऑटोमेटिक गन उसी दिशा में घूम जाती है. अपाचे (Apache) में हाइड्रा अनगाइडेड रॉकेट भी हैं, जो 8 किलोमीटर तक टारगेट को तबाह करने की गारंटी देते हैं. इसका फायर कंट्रोल रडार एक साथ 256 लक्ष्य पर नज़र रख सकता है.

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4. दुश्मन की मिसाइलों से बचने के लिए अपाचे (Apache) में फ्लेर (Flare) लगा होता है. दुश्मन की मिसाइल हेलीकॉप्‍टर के इंजन की गर्मी का पीछा करके हमला करती हैं. इन मिसाइलों से बचने के लिए अपाचे (Apache) में लगे फ्लेर्स हवा में छोड़े जाते हैं, जो मिसाइलों को भटकाने के लिए काफी अधिक तापमान पर जलते हैं. इसकी वजह से मिसाइलें इन फ्लेर्स को निशाना बनाती हैं और अपाचे (Apache) सुरक्षित बच जाता है.

5. अपाचे AH 64 E हेलीकॉप्टर 30 मिमी की मशीनगन से लैस है, जिसमें एक बार में 1200 तक राउंड हो सकते हैं. अपाचे 150 नॉटिकल मील की रफ्तार से उड़ान भर सकता है जो इसे हवा में जबरदस्त रफ्तार से दुश्मन के पास जाने में मदद करता है.  

ये कुछ ऐसी विशेषताएं हैं जो युद्ध के मैदान में अपाचे (Apache) को अजेय बनाती हैं. दुश्मन के टैंकों के साथ मुठभेड़ या दुश्मन की मज़बूत मोर्चाबंदी तोड़ने के लिए अटैक हेलीकॉप्‍टर्स की ज़रूरत होती है. जमीन पर टैंक को सबसे शक्तिशाली हथियार माना जाता है. अपाचे (Apache) हेलीकॉप्‍टर के हथियार इतने घातक हैं कि रक्षा विशेषज्ञ इसे 'हवाई टैंक' भी कहते हैं.

बदलती जरूरतें
मालूम हो कि भारतीय वायुसेना अभी रूस में बने MI 35 और MI 25 अटैक हेलीकॉप्टर्स का इस्तेमाल करती है. इनकी एक स्क्वाड्रन पठानकोट और दूसरी राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात रहती है. ये अच्छे अटैक हेलीकॉप्टर्स हैं लेकिन अब ये तीन दशक पुराने हो चुके हैं. वायुसेना के पास स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव से विकसित किया गया रुद्र अटैक हेलीकॉप्टर भी है. वायुसेना ने स्वदेश में विकसित लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर का भी ऑर्डर हिंदुस्तार एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को दिया है.