रोहित शेखर हत्याकांड: मात्र 90 मिनट में पत्नी अपूर्वा ने मिटाए थे सबूत, जानिए क्या थी मौत की वजह

अधिकारी ने कहा कि मामले की शुरुआत में अपूर्वा ने क्राइम ब्रांच की टीम को भटकाने की कोशिश की थी.

रोहित शेखर हत्याकांड: मात्र 90 मिनट में पत्नी अपूर्वा ने मिटाए थे सबूत, जानिए क्या थी मौत की वजह
फोटो साभारः facebook

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने रोहित शेखर तिवारी हत्या मामले में उनकी पत्नी और वकील अपूर्वा शुक्ला को बुधवार को दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत ने शुक्ला से हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दे दी. इससे पहले पुलिस ने शुक्ला को तीन दिनों की हिरासत में दिए जाने का अनुरोध किया था. इससे पहले अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया था कि, "वैज्ञानिक सबूतों और एफएसएल रिपोर्ट की मदद से हमने अपूर्वा को गिरफ्तार किया.

उसने अपने पति की हत्या करने की बात को स्वीकार लिया है. उसने शादीशुदा जिंदगी में खुश न होने को इसका कारण बताया है." अधिकारी ने कहा कि मामले की शुरुआत में अपूर्वा ने क्राइम ब्रांच की टीम को भटकाने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा, "16 अप्रैल को रोहित के कमरे में घुसकर उसने वारदात को अंजाम दिया. बाद में सबूतों को मिटा दिया. डेढ़ घंटे के अंदर सारे काम किए गए थे." 

अपूर्वा और रोहित में होते थे झगड़े
रोहित शेखर की 16 अप्रैल को कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी गई थी. अपूर्वा से इस मामले में गत रविवार से पूछताछ की जा रही थी. वह लगातार अपने बयान बदल रही थी जिससे पुलिस को उस पर संदेह हुआ. उन्होंने पहले कहा था कि दंपति के बीच शादी के पहले दिन से ही झगड़े हो रहे थे.

15 घंटे तक घर में मृत पड़े रहे रोहित शेखर
मौत का समय 15 -16 अप्रैल की सुबह 1:30 बजे का है जबकि रोहित को 16 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अस्पताल ले जाया गया,इसका मतलब वो करीब 15 घण्टे घर में ही मृत पड़ा रहा. बीते मंगलवार यानी 16 अप्रैल को रोहित की मां उज्ज्वला दोपहर में साकेत इलाके के मैक्स अस्पताल मेडिकल जांच के लिए गई थीं, तभी उन्हें घर से नौकरों और उनके दूसरे बेटे सिद्धार्थ ने फोनकर बताया कि रोहित को नाक से खून निकल रहा है.