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कश्मीर को दहलाने के लिए ISI ने पंजाब में ड्रोन से गिराए हथियार, खालिस्तान की ली मदद

खालिस्तानी ग्रुप खालिस्तान जिंदाबाद फ़ोर्स ने आईएसआई की मदद से हथियारों की खेप पहुंचाई. इन हथियारों का इस्तेमाल कश्मीर में होना था।

कश्मीर को दहलाने के लिए ISI ने पंजाब में ड्रोन से गिराए हथियार, खालिस्तान की ली मदद

नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने से बौखलाए पाकिस्तान अब घाटी में अपनी आतंकी साजिश को अंजाम देने के लिए पंजाब के रास्ते का इस्तेमाल कर रहा है. जांच एजेंसियों के हवाले से खबर है कि भारत के खिलाफ लगातार आतंकी साजिश में जुटा पाकिस्तान अब पंजाब के रास्ते आतंकियों के लिए हथियार भेजने में लगा हुआ है. खबर है कि कश्मीर के लिए पंजाब के रास्ते भारत में हथियार पहुंचाए जा रहे है. इस महीने 6,7,9,10 और 15 सितंबर के दिन पाकिस्तान से सटे पंजाब सीमा में 8 बार ड्रोन्स के जरिये हथियार पहुंचाए गए.

पंजाब के तरन तारन ज़िले में हथियारों की बड़ी खेप पहुंचाई गई. खालिस्तानी ग्रुप खालिस्तान जिंदाबाद फ़ोर्स ने आईएसआई की मदद से हथियारों की खेप पहुँचाई. इन हथियारों का इस्तेमाल कश्मीर में होना था।

बता दें कि पंजाब पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा 22 सितंबर को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KJF) के 4 आतंकी गिरफ्तार किए गए थे. ये चारों पंजाब के ही रहने वाले हैं और इनके पास से पुलिस को भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद मिला था. ऐसा बताया जा रहा है कि जर्मनी से आतंकी गतिविधि चला रहे इस आतंकी गुट को पाकिस्तान से समर्थन मिल रहा है. यह गुट पंजाब और इसके पड़ोसी राज्यों में सिलसिलेवार आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश रच रहा था.

 पुलिस ने रविवार (22 सितंबर) को बताया कि छापेमारी में उसे पांच एके-47 राइफल, पिस्तौल, सैटेलाइट फोन और हथगोले समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए है. 

पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया था कि इस बात की आशंका है कि हथियार पाकिस्तानी एस्टैबलिस्मेंट, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान समर्थित जिहादी व खालिस्तान समर्थित आतंकी गुटों द्वारा लांच किए गए ड्रोन का इस्तेमाल करके भारत-पाक सीमा से हाल ही में भेजा गया है. शुरुआती जांच में सीमापार से हथियारों और कम्यूनिकेशन हार्डवेयर की डिलीवरी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ था. 

इनके अंतर्राष्ट्रीय संबंध और साजिश रचने वाली शाखांए होने के कारण मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मामले में आगे की जांच नेशनल इनवेस्टिंग एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का फैसला लिया था, ताकि पूरी साजिश को जल्द फर्दाफाश किया जा सके. 

मुख्यमंत्री ने पंजाब की सीमा पर दुश्मन के ड्रोन की गतिविधि पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार से भारतीय वायुसेना और सीमा सुरक्षा बल को रोकथाम के जरूरी उपाय करने का निर्देश देने का आग्रह किया था.

ये चारों आतंकी पंजाब के रहने वाले हैं. इनमें बलवंत सिंह उर्फ बाबा उर्फ निहंग अमृतसर के तरनतारन, अर्शदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा अमृतसर के गांव नागकलां, हरभजन सिंह, जिला होशियारपुर के गांव मियानी और बलबीर सिंह जिला होशियारपुर के कस्बा टांडा का रहने वाला है.

तरनतारन के बाबा बलवंत सिंह उर्फ निहंग और अर्शदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा के खिलाफ पहले से अपराधिक केस पहले से दर्ज है. इन दोनों की मुलाकात अमृतसर जेल में बंद मान सिंह से हुई थी. मान सिंह का संपर्क पाकिस्तान और जर्मन में बैठे आतंकी रंजीत सिंह नीटा व गुरमीत सिंह बग्गा उर्फ डाक्टर से है. मान सिंह को 2017 में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था तब से वह जेल में बंद है और वहां से अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहा था.