Aarogya सेतु ऐप का कमाल, 300 'उभरते हॉटस्पॉट्स' की जानकारी देकर किया अलर्ट

कोविड-19 रोगियों को ट्रैक करने के लिए विकसित किए गए सरकार के मोबाइल एप्लिकेशन आरोग्य सेतु ने वायरस के प्रसार को रोकने में बहुत अहम भूमिका निभाई है.

Aarogya सेतु ऐप का कमाल, 300 'उभरते हॉटस्पॉट्स' की जानकारी देकर किया अलर्ट

नई दिल्ली: कोविड-19 (COVID-19) रोगियों को ट्रैक करने के लिए विकसित किए गए सरकार के मोबाइल एप्लिकेशन आरोग्य सेतु (Aarogya Setu App) ने वायरस के प्रसार को रोकने में बहुत अहम भूमिका निभाई है. इसने देशभर में 650 से अधिक हॉटस्पॉट और 300 से अधिक ऐसे 'उभरते हॉटस्पॉट' के बारे में अधिकारियों को अलर्ट किया है, जिनके छूटने पर भयंकर नुकसान हो सकता था. ये जानकारी नीति अयोग के सीईओ अमिताभ कांत (Amitabh Kant) ने दी.

इसी साल 2 अप्रैल को लॉन्च होने के बाद से इस ऐप पर अब तक 96 मिलियन यानि कि करीब 10 करोड़ लोगों ने आरोग्य सेतु ऐप पर स्वास्थ्य देखभाल के आवेदन के साथ रजिस्‍ट्रेशन किया है. इतना ही नहीं  यह वैश्विक स्तर पर 50 मिलियन यूजर्स तक सबसे कम समय में पहुंचने वाला सबसे तेज़ मोबाइल ऐप बन गया है और जल्‍द ही 100 मिलियन क्लब में सबसे तेज़ी से पहुंचने वाले ऐप में से एक होगा.

आरोग्य-सेतु ने सरकार को अपने दोहरे उद्देश्य में सफलता दिलाई. यानि कि 'किसका परीक्षण करना है' और 'कहां अधिक परीक्षण करना है'. इससे सरकार को कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई में खासी मदद मिली है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, कांत ने कहा, "उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में इंजन ने 18 जिलों में 60 से अधिक हॉटस्पॉट की पहचान की. देशभर में, इंजन ने 13 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच सब-पोस्ट ऑफिस स्तर पर लगभग 130 हॉटस्पॉट की भविष्यवाणी की. बाद में इन पूर्वानुमानित हॉटस्पॉट्स को आरोग्य सेतु द्वारा सतर्क किए जाने के लगभग 3 से 17 दिनों बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 'वास्तविक हॉटस्पॉट' घोषित किया गया.

इस तरह, इंजन ने सरकार को "किसके परीक्षण के लिए" और "कहां और अधिक परीक्षण करना है" के साथ कोरोनोवायरस के खिलाफ लड़ने में खासी मदद की.

उन्‍होंने कहा, "आरोग्य सेतु ऐप ने सरकार को देश भर में 650 से अधिक हॉटस्पॉट के बारे में सचेत किया और 300 से अधिक उभरते हुए हॉटस्पॉट के बारे में बताया जो छूट सकते थे. यह हॉटस्पॉट का सटीक पूर्वानुमान देता है और यह नए हॉटस्पॉट के पैदा होने को भी रोक रहा है. इंजन ने अविश्वसनीय तौर पर संक्रमण के प्रसार की स्थानीयता, दिशा और वेग के सटीक अनुमानों के साथ प्रभाव को बताया है."

नीति अयोग प्रमुख ने कहा कि अब तक लगभग 69 मिलियन लोगों ने इस पर अपना सेल्‍फ-असिसमेंट टेस्‍ट किया है. जिसमें से 3.4 मिलियन से अधिक लोगों ने स्वयं को अस्वस्थ घोषित किया, क्योंकि उनमें एक या तीन से अधिक लक्षण दिख रहे थे.

इसके साथ ही 70 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों की एक समर्पित टीम कोविड -19 के दो या दो से अधिक लक्षणों को प्रदर्शित करने वाले लोगों तक पहुंची है. उन्‍होंने कहा, "70 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों की एक समर्पित टीम लगभग 6,50,000 लोगों तक पहुंच गई है, ये वो लोग हैं जिनमें दो या अधिक लक्षण दिखाई दिए थे. वहीं 16,000 से अधिक लोगों को डॉक्टरों द्वारा फॉलो-अप टेली-परामर्श दिया गया है." 

अब तक आरोग्य सेतु को डाउनलोड करने वाले कम से कम 12,500 उपयोगकर्ताओं को कोविड -19 पॉजिटिव पाया गया है. ब्लूटूथ-आधारित इंटरैक्शन डेटा ने लगभग 60,000 लोगों को जोखिम के विभिन्न पहलुओं को लेकर मूल्यांकन किया और सतर्क किया है.  इसमें सेल्‍फ-आइसोलेशन, क्‍वारंटीन और टेस्‍ट श‍ामिल है. हाई रिस्‍क के रूप में असेस्‍ड किए गए लोगों में से लगभग 8,500 लोगों का परीक्षण किया गया है और जिनमें से 23 प्रतिशत से अधिक का कोविड-19 टेस्‍ट पॉजिटिव आया जो इसके मूल्‍यांकन को असाधारण तौर पर सटीकता देता है.

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कांत ने कहा कि आरोग्य सेतु दुनिया में कहीं भी किसी भी परीक्षण प्रोटोकॉल से बहुत आगे है और यह भारत में परीक्षण की वर्तमान प्रभावकारिता की तुलना में भी कई गुना अधिक है. उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप 12 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है और जल्द ही इसे सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में भी लाने की तैयारी है.