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कुमारस्वामी के छलके आंसुओं पर अरुण जेटली का तंज, कहा- 'मुझे हिंदी सिनेमा का ट्रेजडी युग याद आ गया'

बीते शनिवार को बेंगलुरु में एचडी कुमारस्वामी ने कहा था कि वह  एक विषकंठ (जब भगवान शिव विष पीकर नीलकंठ बने) बनकर इस सरकार के दर्द को निगल रहे हैं.

कुमारस्वामी के छलके आंसुओं पर अरुण जेटली का तंज, कहा- 'मुझे हिंदी सिनेमा का ट्रेजडी युग याद आ गया'
अरुण जेटली ने कहा कि विपक्षी के गठबंधन का मकसद सिर्फ मोदी सरकार को सत्ता से दूर करना है

नई दिल्ली : अभी हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के अपने एक भाषण यह कहते हुए आंसू छलक आए थे कि वह गठबंधन सरकार का दर्द झेल रहे हैं. इस पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कर्नाटक में एक अवसरवादी गठबंधन है. इस गठबंधन का ना तो कोई स्पष्ट एजेंडा है और ना कि इसमें शामिल दलों की विचारधारा में कोई मेल. जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर एक लेख लिखते हुए कहा, 'यह एक गैर-विचारधारात्मक अवसरवादी गठबंधन का कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है, इसका कोई स्पष्ट परिणाम नहीं है. ऋणात्मक एजेंडा का आधार 'मोदी को बाहर रखें' है.'

जेटली ने कहा कि इस नकारत्मक एजेंडा का मकसद केवल सत्ता से नरेंद्र मोदी को दूर रखना है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर, एचडी देवेगौड़ा और आईके गुजराल के साथ जो किया है, यह (कर्नाटक का गठबंधन) उसी परंपरा की पुर्नावृत्ति है. 

अरुण जेटली ने कहा, एक माननीय मुख्यमंत्री के दर्द को सुनकर, मैं हिंदी सिनेमा के ट्रेजडी युग में चला गया, जहां केवल संवादों के माध्यम से कलाकारों का दर्द छलकता था. उन्होंने कहा कि जब यह हाल महज दो दलों के गठबंधन का है तो उस महागठबंधन का क्या होगा जिसमें विरोधी विचारधारा वाले दल शामिल होंगे.

उन्होंने लिखा, 'मैंने 26 मई, 2018 को कुछ विपक्षी नेताओं की 'काल्पनिक विकल्प' बनाने की महत्वाकांक्षा के बारे में लिखा था. मैंने उस लेख में निष्कर्ष निकाला था कि पिछले कुछ दिनों में एक काल्पनिक विकल्प बनाने पर चर्चा हो रही है. अलग-अलग विचारधारा वाले राजनीतिक दल एक ग्रुप में आने की बात कह रहे हैं. इन नेताओं में कुछ स्वाभाविक हैं तो कुछ ऐसे हैं जो समय-समय पर अपनी विचारधारा बदलते रहते हैं. इनमें  टीएमसी, डीएमके, टीडीपी, बीएसपी और जेडीएस जैसे दल शामिल हैं. बीजेपी को तो सत्ता साझा करने का अवसर मिला है और बीजेपी नियमित राजनीतिक पदों में बदलाव करती रहती है.'

 

बता दें कि बीते शनिवार को बेंगलुरु में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, 'आप का भाई मुख्यमंत्री बन गया है, इसलिए आप गुलदस्ते लेकर मेरा सम्मान करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं. आप सभी खुश हैं, लेकिन मैं नहीं. मैंने एक विषकंठ (जब भगवान शिव विष पीकर नीलकंठ बने) बनकर इस गठबंधन सरकार का दर्द पी रहा हूं.'

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बता दें कि कुमारस्वामी के इस भावुक कर देने वाली स्पीच की वजह सोशल मीडिया पर चल रहा एक वीडियो है, जिसमें कर्नाटक के तटीय इलाके का लड़का यह कह रहा है कि कुमारस्वामी उसके सीएम नहीं हैं. राज्य के कोदागू के एक लड़के ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया था इसमें उसके गांव की सड़क बह गई. लेकिन सीएम को इसकी चिंता ही नहीं है. तटीय इलाकों के मछुआरे के लोन भी माफ नहीं किए गए हैं. 

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