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सवर्णों को आरक्षण: अरविंद केजरीवाल ने दिया इस मुद्दे पर बीजेपी को समर्थन

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है.

सवर्णों को आरक्षण: अरविंद केजरीवाल ने दिया इस मुद्दे पर बीजेपी को समर्थन
अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
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नई दिल्ली: ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत कोटा देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर राजग सरकार का समर्थन करेगी. आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इसके लिए संसद के मौजूदा सत्र को बढ़ाया जाना चाहिए. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर मुद्दे पर केंद्र अपने कदम वापस खींचती है तो संविधान संशोधन विधेयक ‘‘महज एक चुनावी स्टंट’’होगा.

लोकसभा चुनाव के पहले बड़ा फैसला करते हुए सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है. केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘सरकार को संसद के सत्र को बढ़ाना चाहिए और तुरंत संविधान संशोधन विधेयक लाना चाहिए. नहीं तो साफ़ हो जाएगा कि यह चुनाव के पहले का स्टंट है.’’

सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देना केंद्र सरकार के लिए नहीं होगा आसान, सामने होंगी ये चुनौतियां

आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि सरकार ने चुनाव के पहले 10% आरक्षण का ‘‘स्वागत योग्य चुनावी जुमला’’ छोड़ दिया है.

सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण जातियों के लिये मोदी सरकार ने 10% आरक्षण का स्वागत योग्य चुनावी जुमला छोड़ दिया है, ऐसे कई फ़ैसले राज्यों ने समय-समय पर लिये लेकिन 50% से अधिक आरक्षण पर कोर्ट ने रोक लगा दी क्या ये फ़ैसला भी कोर्ट से रोक लगवाने के लिये एक नौटंकी है ?’’ उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक पारित करवाने के लिए सरकार विशेष सत्र बुलाये, हम सरकार का साथ देंगे वरना ये फ़ैसला चुनावी जुमला मात्र साबित होगा.


भाजपा ने सामाजिक न्याय की दिशा में ‘क्रांतिकारी एवं ऐतिहासिक’ कदम करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करके दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया है.(फाइल फोटो)

सामाजिक दिशा में क्रांतिकारी कदम: बीजेपी
केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण के फैसले को भाजपा ने सामाजिक न्याय की दिशा में ‘क्रांतिकारी एवं ऐतिहासिक’ कदम करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करके दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया है.

भाजपा महासचिव अनिल जैन ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनके मंत्रिमंडल का आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10% आरक्षण प्रदान करने का यह निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज केंद्र सरकार के द्वारा सवर्ण समाज के हित में लिए गए ऐतिहासिक फैसले का वह हृदय से स्वागत करते हैं . अब इस फैसले के बाद समाज की अंतिम कतार में बैठे देश में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों को भी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा.

भाजपा नेता एवं उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह फैसला ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र का परिचायक है . यह सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी एवं ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कहा कि ऐसी मांग लम्बे समय से की जा रही थी लेकिन कोई दूसरा राजनीतिक दल इसे पूरा करने की इच्छा शक्ति नहीं जुटा पाया . यह फैसला मोदी सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचायक है.

शर्मा ने कहा कि गरीब तो गरीब होता है, चाहे किसी वर्ग से क्यों न आता हो . इस फैसले से समाज की आखिरी कतार में बैठे लोगों को लाभ मिलेगा . यह फैसला ऐसे लोगों के मुंह पर तमाचा है जो समाज को बांटने की साजिश करते रहे हैं .

भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्ह राव ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो को 70 साल तक वंचित रखा . प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी मन की बात सुन कर न्याय की दिशा में कदम उठाया है. भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताव रूढी ने ट्वीट किया कि यह सबका साथ, सबका विकास के तहत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है .

उन्होंने कहा कि अब सामान्य श्रेणी के तहत आर्थिक रूप से वर्गो को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का फायदा मिलेगा . यह समान्य श्रेणी के ऐसे कमजोर लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है जिन्हें समर्थन की जरूरत है.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है. सूत्रों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार मंगलवार को इस संबंध में संसद में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है. यह मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा. सामान्य वर्ग को अभी आरक्षण हासिल नहीं है.

(इनपुट: एजेंसी भाषा से)