झोली भर-भर के मुसलमानों का वोट लेने वाले क्यों चुप? आखिर किस पर भड़क गए ओवैसी
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झोली भर-भर के मुसलमानों का वोट लेने वाले क्यों चुप? आखिर किस पर भड़क गए ओवैसी

Owaisi News: ओवैसी एक तरफ केंद्र सरकार को तो घेर ही रहे हैं. उन्होंने अब मुसलमानों का वोट लेने वाले नेताओं और पार्टियों को भी लपेट लिया है. लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद हैदराबाद के सांसद ओवैसी लगातार आक्रामक रूख अपनाए हुए हैं.

झोली भर-भर के मुसलमानों का वोट लेने वाले क्यों चुप? आखिर किस पर भड़क गए ओवैसी

Asaduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से सरकार पर हमला बोला है. लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद ओवैसी लगातार आक्रामक रूख अपनाए हुए हैं. पहले वो गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम को लेकर सरकार पर हमलावर थे और अब उन्होंने एक ट्वीट करके सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा कि 2015 में अखलाक के फ्रिज में रखे गोश्त को बीफ बता कर एक हुजूम ने उनके घर में घुस कर उन्हें मार दिया था. ना जाने कितने मुसलमानों पर तस्करी और चोरी का झूठा इल्जाम लगा कर उनका कत्ल कर दिया गया. 

'जिन्हें मुसलमानों का वोट मिलता है, वो क्यों चुप'

ओवैसी ने आगे लिखा कि जो काम पहले भीड़ करती थी वो काम अब सरकार कर रही है. मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ मुसलमानों पर इल्जाम लगाया कि उनके फ्रिज में बीफ था और 11 घरों पर बुलडोजर चला दिया. ना-इंसाफ़ी का सिलसिला थमता नहीं. चुनाव के नतीजों से पहले और बाद भी, घर मुसलमानों के ही तोड़े जाते हैं, क़त्ल मुसलमानों के ही होते हैं. जिन्हें झोली भर-भर के मुसलमानों का वोट मिलता है, वो क्यों चुप हैं?

'मुसलमानों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही'

इससे पहले ओवैसी ने हाल ही में कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद देश के कई हिस्सों में मुसलमानों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं. हालांकि इस पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा का बयान भी आया था और कहा था पिछले तीन वर्षों में एक समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय के खिलाफ कोई कदम उठाने से जुड़ी कोई शिकायत नहीं मिली है,

UAPA पर साधा था निशाना

वहीं हाल ही में ओवैसी ने UAPA पर बयान देते हुए कहा था कि यह एक बेरहम कानून है. इस कानून के तहत न जाने कितने मुसलमानों, आदिवासियों और दलितों की जिंदगी तबाह कर दी गई. यह कानून एक 85 वर्षीय स्टैन स्वामी की मौत का कारण बना. इस कानून को कांग्रेस सरकार ने 2008 और 2012 में और सख्त बनाया था. मैंने तब भी इसकी मुखालफत की थी. उन्होंने पीएम पर निशाना साधा था कि ऐसा लगा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों से कुछ सीखेंगे, लेकिन उन्होंने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

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