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आसनसोल के युवाओं ने गरीब बच्‍चों के चेहरे पर लौटाई खुशी

आसनसोल के कुछ युवाओं ने गरीब बच्‍चों को न केवल माल में घुमाया, बल्कि उनके लिए कपड़ों की खरीददारी कर पिज्‍जा भी खिलाया.

आसनसोल के युवाओं ने गरीब बच्‍चों के चेहरे पर लौटाई खुशी
इन युवाओं को इस तरह के काम करना अच्छा लगता है, इनको इन बच्‍चों की खुशी में अपनी खुशी दिखती है.

आसनसोल (Asansol): दुर्गा पूजा शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे है. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के इस त्यौहार हर लोग बड़ी धूमधाम से मनाता है, क्‍योंकि यह उनका सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है. दुर्गा पूजा की खुशियां हर व्यक्ति, बच्चे को मनाने का अधिकार है. इस पर सोने पे सुहागा तो तब ही माना जाएगा, जब हम नए कपडे खरीदेंगे. 

मगर उन गरीब बच्‍चों का क्या, जिनके पास कपड़े तो दूर खाने के भी पैसे नहीं हैं. आज इन्‍हीं, छोटे-छोटे बच्‍चों के चेहरे पर खुशियां बिखेर दी है आसनसोल (Asansol) के कुछ युवाओं ने. आसनसोल (Asansol) के युवाओं से खुशियां साझा करने वाले छोटे-छोटे बच्‍चे अपनी जिंदगी फुटपाथ पर गुजार रहे हैं. 

आसनसोल (Asansol) के इन युवाओं ने इन छोटे-छोटे बच्‍चों को कपड़े दिलवाए और पिज़्ज़ा खिलाया है. इन युवाओं ने एक मॉल में इन गरीब बच्‍चों को ले जाकर काफी घुमाया और फिर उन्हें नए कपड़े दिलवाए, जिसे पाकर इन बच्‍चों के चेहरे की ख़ुशी देखते ही बनती थी. 

इससे पहले भी इनमे से कुछ बच्‍चों ने इस मॉल के अंदर जाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्‍हें अंदर नहीं जाने दिया गया था. आसनसोल (Asansol) के बीएनआर मोड़ के रेल ब्रिज इलाके में रहने वाले इन बच्‍चों को अपनी पसंद के  अनुसार फ्रॉक, पैंट और शर्ट इन युवाओं ने दिलवाया है. 

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इन बच्‍चों ने ये भी नहीं सोचा था, कि कभी इसी मॉल के अंदर चेयर-टेबल पर बैठकर कभी पिज़्ज़ा खाएंगे. सब कुछ हो जाने के बाद खुशी-खुशी ये बच्चे अपने-अपने घरो में लौट गए. इलाके के लोगों ने इन युवाओं के प्रति आभार प्रकट किया हैं. 

इंसानियत की मिसाल कायम करने वाले युवाओं में शोंटू कर्मकार, शिलादित्य राय और सोनू के नाम शामिल हैं. इन्‍हें इस तरह के काम करना अच्छा लगता है, क्‍योंकि इन्‍हें इन बच्‍चों की खुशी में अपनी खुशी दिखती है.