Thiruparankundram Row: दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की याचिका पर न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन ने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पवित्र दीपक पहाड़ी के शिखर पर जलाया जाए लेकिन सरकारी अधिकारियों का कहना था कि इससे कई वर्षों से चली आ रही परंपरा का उल्लंघन होगा.
Trending Photos
)
Mohan Bhagwat on Thiruparankundram Row: तमिलनाडु में तिरुप्परंकुंड्रम में दीपक जलाने का मामला पहले से ही मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है और अब संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान ने मामले को और गर्म कर दिया है. बुधवार (10 दिसंबर) को मोहन भागवत ने कहा कि तमिलनाडु में हिंदुओं का जागरण तिरुप्परंकुंड्रम मामले में वांछित परिणाम लाने के लिए पर्याप्त है और चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए किसी को अलग से जागरुक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. तिरुप्परंकुंड्रम में पिछले सप्ताह कार्तिगै दीपम उत्सव के दौरान दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प के बाद अशांति फैल गई थी.
इसके पहले मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने पहले आदेश दिया था कि पहाड़ी के शिखर स्थित मंदिर में दीपक जलाया जाए. दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की याचिका पर न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन ने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पवित्र दीपक पहाड़ी के शिखर पर जलाया जाए लेकिन सरकारी अधिकारियों का कहना था कि इससे कई वर्षों से चली आ रही परंपरा का उल्लंघन होगा. वहीं 'संघ यात्रा के 100 वर्ष – नए क्षितिज' कार्यक्रम में पहुंची जनता के एक सवाल के जवाब में मोहन भागवत ने कहा, 'अगर तिरुप्परंकुंड्रम मामले में हिन्दुओं का जागरुक करने की जरूरत हुई तो किया जाएगा लेकिन मुझे नहीं लगता है कि इसकी जरूतर पड़ेगी. मामला अभी कोर्ट में है उसे सुलझने दें. मुझे लगता है कि तमिलनाडु में वांछित परिणाम लाने के लिए हिन्दुओं में जागरुकता ही काफी है.'
तमिलनाडु के हिन्दू संगठन ही करेंगे RSS का मार्गदर्शन
आरएसएस चीफ ने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो राज्य के हिंदू संगठन ही संघ को मार्गदर्शन देंगे. उन्होंने आगे कहा,'अगर कभी जरूरत पड़ी तो तमिलनाडु में काम कर रहे हिंदू संगठन हमें बताएंगे, तब हम सोचेंगे. मुझे लगता है कि यह मुद्दा यहीं राज्य में हिंदुओं की ताकत के आधार पर सुलझ जाएगा. हमें इसके लिए किसी को जागरुक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.' भागवत ने आगे कहा कि एक बात तो निश्चित है कि ये मुद्दा हिंदुओं के पक्ष में ही सुलझना चाहिए. यह निश्चित है और इसके लिए हम जो भी करना पड़ेगा करेंगे.'
इंडी गठबंधन ने स्वामीनाथन के खिलाफ ओम बिरला को महाभियोग पत्र सौंपा
इसी बीच बुधवार को लोकसभा के 100 से अधिक INDIA गठबंधन सांसदों ने न्यायमूर्ति स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपा. ये न्यायाधीश वही हैं जिन्होंने तमिलनाडु की पहाड़ी पर दरगाह के पास पत्थर के स्तंभ पर पारंपरिक दीप जलाने का आदेश दिया था. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्षी दलों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग लाने की उनकी कोशिश की आलोचना की.
शिवसेना (UBT) के शामिल होने पर अमित शाह ने जताई हैरानी
लोकसभा में चुनावी सुधारों पर बहस के जवाब में अमित शाह ने कहा, 'देश की आजादी के इतने वर्षों के बाद भी कभी नहीं हुआ कि किसी न्यायाधीश को अपने फैसले के लिए महाभियोग का सामना करना पड़ा हो. इन्होंने वोट बैंक को खुश करने के लिए महाभियोग लाया है.' उन्होंने हैरानी जताई कि शिवसेना (UBT) ने भी इस याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं. गृहमंत्री ने कहा कि फैसला सिर्फ इतना है कि पहाड़ी के शिखर पर दीप जलाने की परंपरा है.
यह भी पढ़ेंः UP-MP समेत 6 राज्यों में बढ़ाई गई SIR की समय-सीमा, फॉर्म न भरने वालों को मिली मोहलत