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अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 38वें दिन की सुनवाई आज; आखिरी दौर में पहुंची सुनवाई

मुस्लिम पक्ष (Muslim side) के वकील राजीव धवन (Rajiv Dhawan) की दलील सोमवार को पूरी हो जाएगी. 15 और 16 अक्टूबर को हिन्दू पक्ष (Hindu Side) जवाब देगा.

अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 38वें दिन की सुनवाई आज; आखिरी दौर में पहुंची सुनवाई
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली: अयोध्या मामले (Ayodhya Case) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की संविधान पीठ में 38वें दिन की सुनवाई सोमवार को होगी. मुस्लिम पक्ष (Muslim side) के वकील राजीव धवन (Rajiv Dhawan) की दलील सोमवार को पूरी हो जाएगी. 15 और 16 अक्टूबर को हिन्दू पक्ष (Hindu Side) जवाब देगा. 17 को 'मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़' पर बहस होगी. पिछली सुनवाई में CJI ने कहा था कि अयोध्या (Ayodhya) की सुनवाई 17 अक्टूबर तक पूरी हो जाने की उम्मीद है. उधर, सुप्रीम कोर्ट में 37वें दिन की सुनवाई (hearing) में मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने कहा था कि वह इनटरवीनर, मठ, लिमिटेशन पर दलीलें देंगे. उन्‍होंने कहा था कि न्यायिक व्यक्ति का मामला उठाकर हिन्दू (Hindu) मुख्य मामले से भटकाना चाह रहे हैं.

हिन्दू पक्ष (Hindu Side) का कहना था कि जन्म स्थान आने आप में न्यायिक व्यक्ति होता है. जस्टिस बोबड़े ने राजीव धवन (Rajiv Dhawan) से सवाल करते हुए पूछा था कि क्या इस्लामिक शिक्षाओं के मुताबिक सिर्फ अल्लाह ही पवित्र या दिव्य है, सिर्फ उनकी ही इबादत होती है और किसी की नहीं? ऐसे में बाकी वस्तु व जगह क्‍या पवित्र मानी जा सकती है. क्या मस्जिद (Masjid) की अपने आप में दिव्यता को लेकर किसी इस्लामिक विद्वान ने कुछ कहा है? राजीव धवन ने जवाब दिया था कि एक मस्जिद हमेशा पवित्र और दिव्य है. ये वो जगह है जहां कोई अपने ख़ुदा की इबादत करता है. यहां पांचों वक़्त नमाज पढ़ी जाती है. जिस चीज़ के जरिये खुदा की इबादत हो, वो अपने आप में हर चीज़ पवित्र है. धवन ने कहा था कि हिंदुओं ने हमारी मस्जिद को गिरा दिया और हिंदुओं (Hindu) ने उलटा कहा कि उनको प्रताड़ित किया गया. दो राष्ट्र की बात कही गई. धवन ने कहा था कि वक़्फ़ (Waqf) को अंग्रेजों ने भी अप्रूवल दिया था.

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धवन (Dhawan) ने निर्मोही अखाड़ा (Nirmohi Akhaada) की याचिका का अंश पढ़ते हुए कहा कि याचिका (plea) में कहा गया था कि वहां पर तीन गुम्बद की कोई मस्जिद (Masjid) नहीं थी. भारतवर्ष में इस्लामिक कानून (Islamic law) लागू नहीं होता. यह भी कहा गया कि गुम्बद वैदिक समयकाल से मिलता-जुलता है और बाबर (Babar) ने नहीं मीर बाकी (Mir Baki) ने मन्दिर (Temple) को गिराया. उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह एक फकीर से बहुत प्रभावित था. राजीव धवन (Rajiv Dhawan) ने कहा था कि हिंदू पक्ष (Hindu Side) मुस्लिमों पर सांप्रदायिक हिंसा (Communal violence) का आरोप लगाता रहा है. वो मुस्लिम (Muslim) बादशाहों के हमले व विध्वंस की बात करते हैं लेकिन 6 दिसंबर 1992 को क्या हुआ, जब बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) गिरा दी गई. सांप्रदायिक सौहार्द (Communal harmony) बिगाड़ने के लिए ज़िम्मेदार वो भी है और ये कोई मुगलकाल (Mughal period) की बात तो है नहीं.