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सुप्रीम कोर्ट में आज अयोध्या भूमि विवाद और आम्रपाली मामले की होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दो बड़े मामलों पर सुनवाई होगी. पहला मामला अयोध्या भूमि विवाद का है जबकि दूसरा मामला अम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट का है.

सुप्रीम कोर्ट में आज अयोध्या भूमि विवाद और आम्रपाली मामले की होगी सुनवाई
अयोध्या भूमि विवाद मामले में संविधान पीठ में दोपहर दो बजे सुनवाई होगी.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दो बड़े मामलों पर सुनवाई होगी. पहला मामला अयोध्या भूमि विवाद का है जबकि दूसरा मामला अम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट का है. अयोध्या भूमि विवाद मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 21वें दिन की सुनवाई बुधवार को होगी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ में दोपहर दो बजे सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन अपनी बहस रहेंगे. 

पिछले गुरुवार को 20वें दिन की सुनवाई में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने पूरे दिन बहस की थी. धवन ने कहा था कि Possesion (स्वामित्व) शब्द art की एक टर्म है, जबकि belonging (संबद्ध) आर्ट का शब्द नहीं है. जस्टिस बोबडे ने पूछा था कि possesion आर्ट की टर्म क्यों हैं? इसपर जस्टिस नज़ीर ने कहा था कि belonging शब्द उनकी याचिका में है और किसी भी क़ानून में नहीं है, आप इस पर क्यों बहस कर रहे हैं? धवन ने कहा था कि क्योंकि ये कहा है कि belonging का मतलब 'कुछ और है' (something else).

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट में चल रही अयोध्या मामले की सुनवाई का सजीव प्रसारण (Live Streaming) हो सकता है? सुप्रीम कोर्ट आज संघ विचारक के एन गोविंदाचार्य की याचिका पर विचार करेगा. गोविंदाचार्य ने याचिका में कहा है कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है. याचिकाकर्ता समेत करोड़ों लोग इस सुनवाई का हिस्सा बनना चाहते हैं. उन्होंने सितंबर, 2018 के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया है जिसमें अहम सवैंधानिक मामलों में लाइव स्ट्रीमिंग की शुरुआत करने की बात कही गई थी. तब  

अम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट मामले को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को आदेश दिया कि वह एनबीसीसी को फंड दे ताकि अधर में लटके हुए फ्लैट्स का काम हो सके.कोर्ट ने 7.16 करोड़ रुपये देने को कहा था. यह पैसा आम्रपाली ग्रुप ने ही सुप्रीम कोर्ट के पास जमा किया था. जिन दो प्रॉजेक्ट्स के लिए यह पैसा दिया जाएगा वह नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हैं.साथ ही कोर्ट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटीज को एक स्पेशल सेल बनाने का आदेश दिया था. इन स्पेशल सेल का काम होगा कि ये नजर रखें कि लटका काम जल्दी पूरा हो रहा है या नहीं.यह सेल ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण घर खरीदारों को निर्माण कार्य पूरा होने का प्रमाण पत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) देगा.

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी को अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरा करने को कहा था.कोर्ट ने RERA से अम्रपाली का रजिस्ट्रेशन रद्द करने करने के साथ ही पैसे के DIVERSION की जांच ED को सौंप दिया था.कोर्ट ने कहा था कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी प्रोजेक्ट्स के डेवलपमेंट की निगरानी करने में नाकाम रही.सुप्रीम कोर्ट ने बैंक अधिकरियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे और ED से मनी लांड्रिंग की जांच के आदेश दिए थे. गौरतलब है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी दोनो संसाधन और क्षमता न होने का हवाला देते हुए असमर्थता जताई थी.

(इनपुट : सुमित कुमार)