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राष्ट्र सेविका समिति ने SC के फैसले का किया स्वागत, न्यायाधीशों का जताया आभार

राष्ट्र सेविका समिति श्री रामजन्मस्थान मंदिर वाद पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करती है. 

राष्ट्र सेविका समिति ने SC के फैसले का किया स्वागत, न्यायाधीशों का जताया आभार
अखिल भारतीय प्रमुख संचालिका सुश्री शांता कुमारी.(फोटो)

नई दिल्ली: राष्ट्र सेविका समिति श्री रामजन्मस्थान मंदिर वाद पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करती है. भारत के आराध्य प्रभू श्रीरामचंद्र जी के जन्मस्थान पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का राष्ट्र सेविका समिति हृदय से स्वागत करती है और सभी माननीय न्यायाधीशों का अभिनंदन करती है. अखिल भारतीय प्रमुख संचालिका सुश्री शांता कुमारी और अन्नदानम् प्रमुख कार्यवाहिका सुश्री सीता गायत्री ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है. 

उन्होंने कहा कि, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि वाद पर आज बहुत ही स्पष्ट और सटीक निर्णय आया है. इस निर्णय को किसी भी पक्ष की जय-पराजय की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए. सभी पक्षों को आपसी मतभेद मिटा कर, सौहार्द कायम रखते हुए इस फैसले का सम्मान करना चाहिए तथा शांति और धैर्य बनाए रखने में सरकार एवं समाज का सहयोग करना चाहिए.

सैकड़ों वर्षों से करोड़ों लोग अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर राम लला के मंदिर की प्रतीक्षा करते आ रहे हैं. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय ने इसका मार्ग प्रशस्त कर दिया है. हमें आशा एवं विश्वास है कि सरकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार शीघ्र अति शीघ्र राम लला के भव्य मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खास बातें -
-मुस्लिम अपने साक्ष्यों से यह सिद्ध नहीं कर पाए की विवादित भूमि पर उनका ही एकाआधिकार था.
-Ayodhya Verdict: CJI ने कहा, 'खुदाई में इस्लामिक ढांचे के सबूत नहीं मिले'
-मुस्लिम यह साबित करने में नाकाम रहे कि इस जगह पर बाबरी मस्जिद बनने से पहले उनका अधिकार था.
-ASI की रिपोर्ट खारिज को नहीं कर सकते. ASI की रिपोर्ट में 12वीं सदी के मंदिर के सबूत मिले
-Ayodhya verdict: CJI ने कहा, 'विवादित जमीन का बंटवारा नहीं किया जा सकता'
-ASI की रिपोर्ट से साबित होता है कि मस्जिद खाली जमीन पर नही बनाई गई थी.