'मंदिर के प्रचार के लिए धनुष-बाण के साथ भगवान राम के चित्र का इस्तेमाल नहीं किया जाए'

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन में एक सप्ताह का समय बचा है. लेकिन कांग्रेस नेता मोदी सरकार पर सियासी तीर चलाने में कोई मौका नहीं चूक रहे हैं. 

'मंदिर के प्रचार के लिए धनुष-बाण के साथ भगवान राम के चित्र का इस्तेमाल नहीं किया जाए'

बंगलुरु: अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन में एक सप्ताह का समय बचा है. लेकिन कांग्रेस नेता मोदी सरकार पर सियासी तीर चलाने में कोई मौका नहीं चूक रहे हैं. अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने भूमि पूजन की तस्वीरों में धनुष बाण के साथ भगवान श्रीराम की तस्वीरों पर आपत्ति जताई है. मोइली का कहना है कि इससे श्रीराम की छवि आक्रांता वाली बनती है. जोकि वे नहीं थे. उन्होंने कहा कि सरकार को इसके बजाय श्रीराम के पट्टाभिषेक वाली तस्वीर इस्तेमाल इस्तेमाल करनी चाहिए. इसमें वे समावेश के प्रतीक लगते हैं. 

भूमि पूजन को सामाजिक एकता के लिए इस्तेमाल करे सरकार
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री रहे वीरप्पा मोइली ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को भूमि पूजन के अवसर को सभी जातियों और धर्मों के लोगों को एक करने के अवसर के तौर पर प्रस्तुत करना चाहिए. मोइली ने कहा कि भगवान राम ने हमेशा समाज में सेतु बनाने का काम किया और वे कभी 'आक्रामक' नहीं रहे. वीरप्पा मोइली ने कहा कि धनुष-बाण के साथ भगवान राम का चित्र 'आक्रामक' लगता है.  इससे उनकी छवि 'आक्रांता' की लगती है, जो कि वे नहीं थे.

समावेशी समाज बनाना चाहते थे श्रीराम
रामायण के किष्किंधा और लंका कांड का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने कभी भी इन दोनों क्षेत्रों को अयोध्या से नहीं जोड़ा. इसके बजाय उन्होंने सुग्रीव और विभीषण को वहां का राजा बनाया. मोइली ने कहा कि भगवान राम ने सभी को स्वतंत्रता दी थी. वह एक समावेशी समाज बनाना चाहते थे. हमें इस तरह की अवधारणा पेश करनी होगी.

'कांग्रेस ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर का कभी विरोध नहीं किया'
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध नहीं किया था. इसके बजाय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय ही राम मंदिर के ताले खोले गए थे. मोइली ने सरकार को सलाह दी कि हम सभी राम, कृष्ण को पूजते हैं. हमें धर्म संकीर्ण नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि धर्म समावेशी होना चाहिए. किसी के दमन या किसी को हराने के लिए धर्म का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. 

'राम मंदिर देश की एकता के लिए होना चाहिए, विभाजन के लिए नहीं'
मोइली ने कहा कि कांग्रेस समावेशी समाज के पक्ष में है, अलग-थलग समाज के पक्ष में नहीं. लेकिन जिस तरह से उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराई. देशभर में कितने लोग मारे गये, इससे दरार पैदा हुई. कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि राम मंदिर देश की एकता के लिए होना चाहिए, ना कि देश के विभाजन के लिए.

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