बेंगलुरु में 'संयोग' नहीं दिल्ली वाला प्रयोग? दंगे की पहले से थी प्लानिंग

बेंगलुरु हिंसा मामले में पुलिस की FIR में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जिससे पता चलता है कि बेंगलुरु में दंगा कोई संयोग नहीं, बल्कि ये दिल्ली वाला प्रयोग था. 

बेंगलुरु में 'संयोग' नहीं दिल्ली वाला प्रयोग? दंगे की पहले से थी प्लानिंग

नई दिल्ली: बेंगलुरु हिंसा मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. दंगों में ये बात सामने आई है कि दंगाई पुलिसवालों की हत्या करना चाहते थे. 800 से ज्यादा दंगाइयों के पास घातक हथियार थे. इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज हो चुकी हैं. 

बेंगलुरु के 'डिजायनर दंगों' का 'प्रोफेसर' कौन? हम आज ये सवाल इसलिए पूछ रहे हैं कि क्योंकि जो खुलासे बेंगलुरु पुलिस की FIR में हुए हैं. उसे जानकर आप भी कहेंगे कि बेंगलुरु में दंगा कोई संयोग नहीं, बल्कि ये दिल्ली वाला प्रयोग था. बेंगलुरु में दंगे के लिए फेसबुक पोस्ट तो बस एक बहाना था. दरअसल दंगाइयों का मकसद पूरे बेंगलुरु को जलाना था. 

दंगाई 2 थानों के पुलिसवालों की हत्या करना चाहते थे. पुलिस ने जो FIR दर्ज की है उसके मुताबिक दंगे की प्लानिंग पहले से हुई थी और 5 दंगाइयों ने 300 लोगों की गैंग बनाई थी. दंगा क्षेत्र के बाहर 800 दंगाई हथियार के साथ खड़े थे.