भगत सिंह को आतंकी लिखने का मामला: DU से रिपोर्ट तलब, स्‍मृति ईरानी ने कहा- किताब में हो संशोधन

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के इतिहास के पाठ्यक्रम में शामिल एक किताब में भगत सिंह को एक ‘क्रांतिकारी आतंकवादी’ बताए जाने को लेकर मानव संसाधन मंत्रालय ने डीयू से रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के अनुसार, एचआरडी मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी रिपोर्ट मांगी है।

भगत सिंह को आतंकी लिखने का मामला: DU से रिपोर्ट तलब, स्‍मृति ईरानी ने कहा- किताब में हो संशोधन

नई दिल्‍ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के इतिहास के पाठ्यक्रम में शामिल एक किताब में भगत सिंह को एक ‘क्रांतिकारी आतंकवादी’ बताए जाने को लेकर मानव संसाधन मंत्रालय ने डीयू से रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के अनुसार, एचआरडी मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी रिपोर्ट मांगी है।
 
डीयू की किताब में भगत सिंह को आतंकी लिखने के मामले को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्‍मृति ईरानी ने आज डीयू से किताब में संशोधन करने के लिए कहा है। उन्‍होंने कहा कि भगत सिंह को आतंकी लिखने वाली बात हटाई जाए। डीयू अपनी किताब से आतंकी शब्‍द को हटाए।

 

गौर हो कि भगत सिंह के परिजनों ने इस पर आपत्ति जताई है। वहीं मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने डीयू से इस पर पुनर्विचार करने को कहा है। प्रख्यात इतिहासकार बिपिन चन्द्रा और मृदुला मुखर्जी द्वारा ‘स्वतंत्रता के लिए भारत का संघर्ष’ शीषर्क से लिखी इस पुस्तक के 20वें अध्याय में भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, सूर्य सेन और अन्य को ‘क्रांतिकारी आतंकवादी’ बताया गया है। यह पुस्तक दो दशकों से अधिक समय से डीयू के पाठ्यक्रम का हिस्सा रही है।

इस पुस्तक में चटगांव आंदोलन को भी ‘आतंकी कृत्य’ करार दिया गया है, जबकि अंग्रेज पुलिस अधिकारी सैंडर्स की हत्या को ‘आतंकी कार्रवाई’ कहा गया है। भगत सिंह के परिवार ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को एक पत्र लिखकर इस संबंध में हस्तक्षेप करने और पुस्तक में उचित बदलाव करने की मांग की है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने यह पुष्टि की कि मंत्रालय ने डीयू को विशेष अध्याय या पुस्तक को पढ़ाए जाने पर पुनर्विचार करने को कहा, विश्वविद्यालय का कहना है कि यह एक ‘संदर्भ पुस्तक’ है न कि एक ‘टेक्स्ट बुक’। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश त्यागी ने कहा कि इतिहास विभाग में इस पुस्तक को एक ‘संदर्भ पुस्तक’ के तौर पर पढ़ाया जाता है न कि एक ‘टेक्स्ट बुक’ के तौर पर। हालांकि उन्होंने इस संबंध में अनुरोध को संज्ञान में ले लिया है।

इस पुस्तक की विषय वस्तु को ‘लोगों के बलिदान की अकादमिक हत्या’ करार देते हुए ईरानी ने कल आश्वासन दिया था कि वह विश्वविद्यालय को अपनी चिंता से अवगत कराएंगी। उन्होंने एक न्‍यूज चैनल से बातचीत में बताया था कि मैं इसे एक अकादमिक अनियमितता नहीं कहूंगी, बल्कि कई लोगों के बलिदान की अकादमिक हत्या कहूंगी। भगत सिंह जी को एक आतंकवादी नहीं कहा जाय, यह सुनिश्चित करने के लिए यदि मुझे असहिष्णु पुकारा जाए तो यह तमगा लेने में मैं गर्व महसूस करूंगी। भगत सिंह के परिजनों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश त्यागी से भी मुलाकात की जिन्होंने उन्हें इस मामले को देखने का आश्वासन दिया।