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भोपाल जेल में कैद पाकिस्तानी जासूस को अपने मुल्क भेजना चाहती है पुलिस!

पाकिस्तान की सैन्य अदालत जहां एक ओर भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा देने की तैयारी में है, तो वहीं दूसरी ओर भारत की जेल में पिछले एक साल से कैद पाकिस्तानी जासूस साजिद मुनीर को भोपाल की पुलिस उसे वापस अपने मुल्क भेजने की कोशिश में लगी है. हालांकि पाकिस्तान की सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है. 

भोपाल जेल में कैद पाकिस्तानी जासूस को अपने मुल्क भेजना चाहती है पुलिस!
भोपाल पुलिस ने बताया कि आईएसआई के लिए भोपाल के आर्मी बेस की जासूसी करने के आरोप में मुनीर को लगभग 12 साल पहले गिरफ्तार किया गया था. (फाइल फोटो)

भोपाल: पाकिस्तान की सैन्य अदालत जहां एक ओर भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा देने की तैयारी में है, तो वहीं दूसरी ओर भारत की जेल में पिछले एक साल से कैद पाकिस्तानी जासूस साजिद मुनीर को भोपाल की पुलिस उसे वापस अपने मुल्क भेजने की कोशिश में लगी है. हालांकि पाकिस्तान की सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है. 

12 साल की कैद
पकिस्तान के साजिद मुनीर को जासूसी का आरोप साबित होने के बाद 12 साल कैद की सजा सुनाई गई थी, लेकिन सजा पूरी होने के बाद पाकिस्तान ने मुनीर के प्रत्यर्पण को लेकर भारत सरकार की अपील का कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद से मुनीर भोपाल पुलिस की जिम्मेदारी बन गया और लगभग 10 महीने से डीएसबी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल ब्रांच) उसका ख्याल रख रही है.

पाकिस्तान से कोई जवाब नहीं आया
भोपाल पुलिस ने कई बार मुनीर को उसके देश वापस भेजने के लिए लिखा है, लेकिन पकिस्तान से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर मुनीर भोपाल पुलिस की जिम्मेदारी बन गया है. पिछले हफ्ते भी डीएसबी ने विदेश मंत्रालय को लिखा था, लेकिन अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है.

जून 2016 में किया गया रिहा
भोपाल पुलिस ने बताया कि आईएसआई के लिए भोपाल के आर्मी बेस की जासूसी करने के आरोप में मुनीर को लगभग 12 साल पहले गिरफ्तार किया गया था, जून 2016 में उसे रिहा कर दिया गया था.

आईएसआई ने मुनीर को भारत में जासूसी के लिए भेजा 
पुलिस ने बताया कि मामले की खोजबीन में पता चला है कि मुनीर ने कराची में एक शख्स की हत्या कर दी थी, जिसके बाद कराची पुलिस से बचने के दौरान मुनीर आईएसआई के संपर्क में आया. इसके बाद आईएसआई ने मुनीर को कराची पुलिस से बचाने के बदले भारत में जासूसी करने भेज दिया.