'भोपाल त्रासदी: भारतीय कोर्ट में मुकदमे का सामना करे यूनियन कार्बाइड'

अमेरिका और भारत में लोग चाहते हैं कि यूनियन कार्बाइड भोपाल गैस त्रासदी मामले में अपनी भूमिका के लिए भारतीय अदालत का सामना करे। एक ताजा सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा किया गया है। उस त्रासदी में 20 हजार से अधिक लोगों की जान गई थी।

नई दिल्ली : अमेरिका और भारत में लोग चाहते हैं कि यूनियन कार्बाइड भोपाल गैस त्रासदी मामले में अपनी भूमिका के लिए भारतीय अदालत का सामना करे। एक ताजा सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा किया गया है। उस त्रासदी में 20 हजार से अधिक लोगों की जान गई थी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल के एक सर्वेक्षण में कहा गया कि प्रकाशित नए सर्वेक्षण के नतीजे भारत और अमेरिका दोनों जगह इस बात के लिए स्पष्ट जन समर्थन दर्शाते हैं कि अमेरिकी कंपनी यूनियन कार्बाइड को भोपाल गैस त्रासदी मामले में भारतीय अदालत का सामना करना चाहिए। वर्ष 1984 में हुई उस त्रासदी में 20 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। भोपाल गैस त्रासदी की 30 वीं बरसी पर किए गए सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 82 फीसदी भारतीय चाहते हैं कि यूनियन कार्बाइड भोपाल संयंत्र से गैस लीक मामले में अपनी भूमिका को लेकर भारतीय अदालत में मुकदमे का सामना करे।

वक्तव्य में कहा गया कि कुछ ही अमेरिकी उत्तरदाताओं ने अपनी राय जाहिर की। जिन लोगों ने राय जाहिर की उनमें से लगभग दो तिहाई (62 फीसदी) ने उस बात से सहमति जताई। सर्वेक्षण शहरी क्षेत्रों में रहने वाले 1011 भारतीयों और 1000 अमेरिकी नागरिकों पर किया गया। इसमें दोनों देशों में इस बात को जबर्दस्त समर्थन मिला कि दोनों देशों की सरकारों को इस बात को सुनिश्चित करना चाहिए कि यूनियन कार्बाइड को आपदा के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए। सर्वेक्षण के अनुसार 66 फीसदी भारतीय प्रतिभागियों और 45 फीसदी अमेरिकी उत्तरदाताओं का मानना है कि भोपाल स्थित संयंत्र के जो मालिक थे और जो उसका परिचालन करते थे उन्हें प्रदूषण की सफाई के लिए भुगतान करना चाहिए।