गृहमंत्री अमित शाह का बड़ा फैसला- तस्करी रोकने के लिए देश की सीमाओं की होगी दोबारा मैपिंग

गृह मंत्रालय बॉर्डर एरिया की दोबारा मैपिंग कराने के साथ ही साथ स्मगलिंग रोकने के लिए एक विशेष टास्क फाॅर्स भी बनाने का फैसला किया है .

गृहमंत्री अमित शाह का बड़ा फैसला- तस्करी रोकने के लिए देश की सीमाओं की होगी दोबारा मैपिंग
गृहमंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  पाकिस्तान ( Pakistan) और बांग्लादेश (bangladesh) से लगी सीमओ को पूरी तरह सील करने के मकसद से गृह मंत्रालय (home Ministry) ने एक बड़ा फैसला लिया है .सरकार ने  देश की सभी पैरामिलिट्री फोर्सेज को आदेश दिया है कि बॉर्डर (Border) एरिया की दोबारा मैपिंग करे और यह भी पता करे की किन- किन रास्तों से भारतीय सीमा में स्मगलिंग की साजिश रची जा रही है जिससे ऐसे रास्तों का पता कर उन पर कड़ी नज़र राखी जा सके और उनकी फेंसिंग को और मजबूत किया जा सके.

पिछले महीने गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इस मुद्दे पर एक बड़ी बैठक ली थी जिसमे सभी पैरामिलिट्री फोर्सेज के डीजी ,आईबी चीफ और रॉ ,सीबीआई और कस्केटम के  अधिकारी शामिल हुए थे .

ज़ी न्यूज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह ने सभी पैरामिलिट्री फोर्सेज से कहा है की वो पैदल या फिर बाइक के जरिये सीमओं की मैपिंग करे और जरूरत पड़े तो इसके लिए सम्बंधित राज्यों की पुलिस की भी मदद ले .

गृह मंत्रालय में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक  इसके जरिए सीमओं पर होने वाली तस्करी के रूट का हमें पता लगाने में मदद साथ ही इसके जरिए हमें आतंकियों के घुसपैठ को भी रोकने में मदद मिलेगी 

गृह मंत्रालय बॉर्डर एरिया की दोबारा मैपिंग कराने के साथ ही साथ स्मगलिंग रोकने के लिए एक विशेष टास्क फाॅर्स भी बनाने का फैसला किया है .टास्क फाॅर्स में आईबी ,सीबीआई ,कस्टम और पुलिस के अधिकारियो को भी शामिल किया जाएगा जिससे तस्करों के खिलाफ फ़ौरन करवाई की जा सके. पंजाब और राजस्थान राज्य में पाकिस्तान की तरफ आए आए दिन ड्रग्स स्मगलिंग के खतरे से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय इन दोनों राज्यों की सरकार के साथ मिलकर नई रणनीति बनाने में जुट गया है. गृह मंत्रालय इसे लेकर लगातार पंजाब और राजस्थान सरकार के अधिकारियों के संपर्क में हैं.

ज़ी न्यूज़ के हाथ लगी बीएसएफ की एक रिपोर्ट में इस बात की आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान में बढ़ रही मंहगाई, बेराजगारी और जेहादी गतिविधिया आने वाले दिनों में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है. बीएसएफ के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान से लगी पंजाब सीमा से पाकिस्तान की तरफ से हवाला के साथ साथ ड्रग की स्मगलिंग  में बढ़ावा हो सकता है ऐसे में सभी एजेंसीज को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है.

सुरक्षा एजेंसीज की एक और रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में पंजाब और राजस्थान सीमा के नज़दीक पाकिस्तान के इलाके में कई बार आईएसआई के एजेंट्स लगातार देखे जा रहे है और पाकिस्तानी सेना अपने मोर्चे को भी पहले के मुकाबले मजबूत करने में लगी हुई है.

पिछले दिनों ऐसी ही एक रिपॉर्ट में ये आशंका जताई गई थी कि पंजाब से सटे पाकिस्तान के नारोवाल में आतंकियों के टेरर कैम्प हैं और और आतंकियों के एक गुट ने पंजाब के डेरा बाबक नानक में घुसपैठ की है . खुफिया एजेंसीज की इस रिपॉर्ट को काफी गंभीरता से लेते हुए सरकार के बड़े अधिकारियों ने बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स यानी बीएसएफ से इस पूरे मामले में रिपॉर्ट मांगी थी.

इंटेलिजेंस एजेंसियों की इस रिपोर्ट से पहले बीएसएफ ने ये जानकारी दी थी कि  पाकिस्तान के मुदरीके, शकूरगढ़ और नोरोवाल में स्थित आतंकी कैम्पों में भारी मूवमेंट देखा गया है इसके अलावा पहले भी इखलासपुर और शकूरगढ़ से आतंकियों की गतिविधियां तेज होने पर रिपोर्ट आती रही हैं.   बीएसएफ से ये भी पूछा गया है कि अगर ताजा घुसपैठ वाकई हुई है तो पंजाब सेक्टर में इस तरह की घटनाएं कैसे संभव हो पा रही है.

वही पाकिस्तान से आ रहे इस खतरे से निपटने के लिए और पंजाब में बढ़ रहे आतंकवाद को रोकने के लिए गृह मंत्रालय पंजाब में जॉइन्ट काउंटर आपरेशन सेंटर बनायेगी. जॉइन्ट काउंटर आपरेशन सेंटर में एनआईए, रॉ, आईबी ,पंजाब पुलिस और काउंटर टेरर की टीम्स को शामिल किया जाएगा.

पिछले कुछ महीनों में आईएसआई खालिस्तानी समर्थको की मदद से पंजाब में युवकों को आतंकी गुटों में भर्ती करने के साज़िश रची जा रही है. यही नही ड्रोन्स के जरिए भी पंजाब में हथियारों की सप्लाई की जा रही है. जॉइन्ट काउंटर आपरेशन सेंटर में खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान की साजिश को समय रहते जहां नाकाम करेंगी वहीं किसी भी आतंकी हमले की सूरत में काउंटर टेरर टीम आंतकियों से निपटेंगी, गृह मंत्रालय पंजाब के पठानकोट में एनएसजी ब्लैक कैट कमांडोज़ की भी तैनाती करने की योजना बना रही है. एनएसजी की SAG -51 क्रैक टीम को तैनात कर सकती है जिसे आतंकियो से निपटने में महारत हासिल है.