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पटना: 1.64 करोड़ बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने का लक्ष्य, चलाया गया सघन अभियान

इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि विटामिन ए संक्रमण के खिलाफ बच्‍चों की मदद करता है.

पटना: 1.64 करोड़ बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने का लक्ष्य, चलाया गया सघन अभियान
बिहार में 4 दिनों तक चलने वाले इस अभियान की शुरुआत की.

पटना: बिहार की राजधानी पटना के न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में विटामिन ए छमाही खुराक अभियान का शुभारंभ किया गया. इस मौके पर बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने गार्डिनर रोड अस्पताल में बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाकर  पूरे बिहार में 4 दिनों तक चलने वाले इस अभियान की शुरुआत की. 

उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलवाने का आग्रह किया. इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि विटामिन ए संक्रमण के खिलाफ बच्‍चों की मदद करता है. यह बच्‍चों में हर स्‍तर पर विकास में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है साथ ही दस्‍त के कारण होने वाली मृत्‍यु दर को भी कम करता है. 

इसके बारे में बताते हुए राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एन के सिन्हा ने कहा कि आज से राज्यव्यापी कैंपेन लांच कर रहे हैं. हमारे सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और आंगनवाडी केन्द्रों पर विटामिन ए उपलब्ध करवा दिए गए हैं. विटामिन ए बच्चों के रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करता है, इससे बच्चों के मृत्यु दर में कमी आती है और डायरिया और निमोनिया के प्रकोप में भी कमी आती है.

हमारे इस अभियान में 1 करोड़ 64 लाख लक्षित बच्चे हैं. 12 जिले जो बाढ़ से प्रभावित हैं वहां हम इस कार्यक्रम को एक्सटेंड करेंगे और हालत सामान्य होने के बाद इसे चलाया जाएगा. यूनिसेफ के कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र पांड्या ने कहा कि यूनिसेफ, विटामिन ए छमाही सघन अभियान में राज्य सरकार को तकनीकी सहयोग दे रहा है.

पटना के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एस पी विनायक ने कहा कि पटना में प्रतिदिन हमारा लक्ष्य 1 लाख 42 हज़ार बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने का है. पूरे अभियान के दौरान पटना में कुल 5लाख 71 हज़ार बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी.  

कार्यक्रम के दौरान राज्य स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, एसएमनेट की टीम, स्वास्थ्यकर्मियों, के साथ ही यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूएनडीपी के प्रतिनिधि और सलाहकार शामिल रहे.