बिहार: डिप्टी CM सुशील मोदी बोले- PM किसान सम्मान निधि योजना में बांटे गए 1632 करोड़ रुपए

उन्होंने कहा 'दो साल पहले तक बैंक खातों की संख्या, ब्रांच कोड और आईएफएससी आदि की त्रुटियों के कारण पीएम किसान पोर्टल द्वारा रद्द किए गए आवेदनों की संख्या जहां 3 लाख 56 हजार थी. वहीं, लगातार प्रयास के बाद अब यह घटकर मात्र 1 लाख 48 हजार रह गई है.'

बिहार: डिप्टी CM सुशील मोदी बोले- PM किसान सम्मान निधि योजना में बांटे गए 1632 करोड़ रुपए
बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं सुशील कुमार मोदी. (तस्वीर साभार-@SushilModi)

पटना: बिहार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 1632 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है. इसमें प्रधानमंत्री किसान पोर्टल द्वारा रद्द किए गए आवेदनों की संख्या पहले जहां 3 लाख 56 हजार थी. वहीं, लगातार प्रयास के बाद यह अब घटकर मात्र 1 लाख 48 हजार रह गई है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने बताया कि वर्ष 2019-20 में बिहार के 44 लाख किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की पहली किस्त और 30 लाख 79 हजार किसानों को दूसरी किस्त के तौर पर अबतक 1,632 करोड़ रुपए राशि हस्तांतरित की गई है.

उन्होंने कहा 'दो साल पहले तक बैंक खातों की संख्या, ब्रांच कोड और आईएफएससी आदि की त्रुटियों के कारण पीएम किसान पोर्टल द्वारा रद्द किए गए आवेदनों की संख्या जहां 3 लाख 56 हजार थी. वहीं, लगातार प्रयास के बाद अब यह घटकर मात्र 1 लाख 48 हजार रह गई है.'

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने अंचलाधिकारी और अपर समाहर्ता के स्तर पर तीन महीने से अधिक समय से जमीन की जांच के लिए लंबित आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने और पंचायतवार सूची बना कर मुख्यालय स्तर से कृषि समन्यवकों को एसएमएस भेजने का निर्देश दिया है, ताकि किसानों से व्यक्तिगत सम्पर्क कर उनके आवेदनों की त्रुटियों का शीघ्रता से निष्पादन कराया जाए.

उल्लेखनीय है कि राज्य में अब तक 72 लाख 76 हजार किसानों ने सम्मान निधि के लाभ के लिए आवेदन दिया, जिनमें से 11 लाख 72 हजार को विभिन्न त्रुटियों के कारण रद्द कर दिया गया.

लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली ( PFMS) पोर्टल द्वारा हर जिले के प्रत्येक पंचायत से औसतन तीन से छह हजार रद्द किए गए आवेदनों का सुधार किया जाना है. समन्वयक से लेकर अंचलाधिकारी के स्तर पर जांच के लिए लंबित आठ लाख 96 हजार आवेदनों का तेजी से निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है.