खसरा-टेटनस टीका लगने के बाद 2.5 माह के मासूम की मौत, परिजनों की शिकायत पर जांच में जुटी टीम

आनन-फानन में रात करीब 4 बजे घरवालों ने बच्चों को लेकर निकले और पांच बजे गिरीडीह के एक निजी हॉस्पिटल पहुंचे, जिसके बाद शिशु को तुरंत डॉक्टर अंदर ले गए.जहां देखने के बाद ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया.

खसरा-टेटनस टीका लगने के बाद 2.5 माह के मासूम की मौत, परिजनों की शिकायत पर जांच में जुटी टीम
खसरा-टेटनस टीका लगने के बाद 2.5 माह के मासूम की मौत, परिजनों की शिकायत पर जांच में जुटी टीम.

मृणाल सिन्हा/गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह के पीरटांड़ में खसरा व टेटनस का टीका लगाने पर एक ढ़ाई माह के बच्चे की मौत हो गई है. बताया गया कि मृत शिशु का मामा घर खेताडाबर है. मृत शिशु की मां मधु देवी खेताडाबर में अपने मायके में ही कुछ माह से रह रही थी. जबकि मृत शिशु प्रिंस पिता दिगम्बर राय का घर चन्दरमुंदी थाना क्षेत्र के सतसल्ला हैं. 

काफी मन्नत के बाद मधु को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी. बच्चा स्वस्थ्य रहे इसके लिए मायके में ही कुछ दिनों से रह रही थी. मृत शिशु के मामा राजदेव कुमार सिंह ने कहा कि सोमवार को प्रिंस को आंगनबाड़ी केंद्र खेताडाबर में सोमवार करीब 12 बजे लेकर गए, जहां से पेंटा नामक सूई सहित अन्य टीका लगवाकर करीब एक घण्टे बाद लौटे. घर आते ही बच्चा सुस्त लग रहा था.

एएनएम भी बोली थी कि टीका लगने के बाद बुखार भी आएगा, थोड़ा सुस्त रहेगा और रोएगा घरवालों को लगा टीका लगने के बाद शायद बच्चा सुस्त भी है और रो रहा है. रात करीब 12 बजे तक थोड़ा थोड़ा रो रहा था. बारह बजे से तीन बजे तक शांत रहा.फिर साढ़े तीन बजे रात थोड़ा सा रोया. घरवालों को लगा कि बच्चे का तबियत ज्यादा खराब हो गया है. 

आनन-फानन में रात करीब 4 बजे घरवालों ने बच्चों को लेकर निकले और पांच बजे गिरीडीह के एक निजी हॉस्पिटल पहुंचे, जिसके बाद शिशु को तुरंत डॉक्टर अंदर ले गए.जहां देखने के बाद ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया.

यहां दस बच्चों को विभिन्न तरह की दवाएं व सुई दो गयी थी.उम्र की हिसाब से इस बच्चे को भी पेंटा सुई दी गयी.इस संबंध में पीरटांड़ सीएचसी प्रभारी डॉक्टर प्रमोद कुमार ने कहा कि बच्चे की मौत हुई है. जो सुई सबको पड़ा वही सुई इस बच्चे को भी पड़ा. जांच के लिए सभी सैम्पल जप्त किये गए हैं.कलकत्ता के लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा. 

लापरवाही की वजह से मौत हुई-मृत शिशु के मामा राजदेव कुमार सिंह ने कहा कि अब किस पर भरोसा करें. स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से मेरे भांजा की मृत्यु हुआ. एक ही जगह पर तीन इंजेक्शन मिलाकर डाल दिया.जबकि एक इंजेक्शन अलग से डाला गया. राजदेव सिंह ने कहा कि सरकार से मांग करता हूँ कि बारीकी इस मामले का जाँच कर दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई हो, ताकि किसी और मां की कोख सुनी न पड़े.  

घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था. मृत शिशु की माता मिनट मिनट में बेहोश हो रही थी. जबकि पिता के चेहरे का रंग ही गायब हो गया था. मानों पत्थर बन गया हो. जबकि मृत शिशु की नानी उठ ही नहीं पा रही थी. सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के टीकाकरण चलाया जाता है, जहां आम लोगों को टीका लेने के लिए प्रेरित व जागरूक किया जाता है.

सहिया दीदी, सेविका, एएनएम सहित स्वास्थ्य विभाग भी इस अभियान में जुड़ी रहती है, लेकिन जब टीके के वजह से किसी नवजात की जान चली जाए तो लोग भला कैसे हिम्मत करेंगे. घटना की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई है.क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. इससे कुछ माह पूर्व कोरोना काल मे भी खेताडाबर में ही एक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि बिना सैम्पल दिए है रिपोर्ट पॉजिटिव आ गया है.

उस दिन भी खेताडाबर में खूब हंगामा हुआ था. मामला ब्लॉक से लेकर सिविल सर्जन के संज्ञान में डाला गया था. 

घटना की जानकारी के बाद बीडीओ दिनेश कुमार, सीओ विनय प्रकाश तिग्गा, जिला स्वास्थ्य समिति के कालीचरण मुर्मू सहित कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्वजनों को ढांढस बंधाया तथा इस मामले की जांच कर दोषी एएनएम पर कार्रवाई का भरोसा दिया.