बिहार में कोरोना के आए 28 नए मामले, मरीजों की कुल संख्या पहुंची 1900

बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. राज्य में कोरोना के 28 नए मामले आए हैं जिसके बाद राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 1900 पहुंच गई है.

बिहार में कोरोना के आए 28 नए मामले, मरीजों की कुल संख्या पहुंची 1900
राज्य में कोरोना के 28 नए मामले आए हैं जिसके बाद राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 1900 पहुंच गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. राज्य में कोरोना के 28 नए मामले आए हैं जिसके बाद राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 1900 पहुंच गई है. इन 28 मामलों में पूर्वी चंपारण के 11, बेगूसराय के 8,पश्चिम चंपारण के 2,  मधुबनी-सुपौल के भी 2, पटना, बांका और पूर्णिया के एक मामले हैं.  

इसके पहले आज राज्य में कोरोना के 96 मामले और आए हैं. आपको बता दें कि कोरोना से अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना के पहले आए 96 नए मामलों में गोपालगंज के 17,  कटिहार के 19, रोहतास के 18, समस्तीपुर के 15, लखीसराय और शेखपुरा के नौ, पूर्णिया के पांच, मुंगेर के तीन और खगड़िया के एक मामले शामिल हैं.

स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में अब तक 53361 लोगों की जांच हुई है. वहीं, सबसे अधिक मामले 179 मामले पटना में पाए गए जिनमें 46 लोग ठीक हुए और दो लोगों की मौत हो गई. बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक कुल 10 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि कोरोना संक्रमित 571 मरीज ठीक हो चुके हैं.

साथ ही मुंगेर में 133 में 92, रोहतास में 91 में 59, मधुबनी में 13, नांलदा में 48, बक्सर में 56, बेगूसराय में 20, सीवान में 32, बांका में 50 में से 1, भागलपुर में 12, कैमूर में 32, भोजपुर में 18, नवादा में 4, गोपालगंज में 18,पूर्णिया में 2, जहानाबाद में 5,पश्चिमा चंपारण में 11, मुजफ्फरपुर में 6, औरंगाबाद में 12, सहरसा में 21, शेखपुरा में 24, पूर्वी चंपराण में 9 , कटिहार में 8, मधेपुरा में 2, दरभंगा में 5, समस्तीपुर में 1, सुपौल में 29, लखीसराय में 5, जमुई में 15, किशनगंज में 3, अरवल में 4, बैशाली में 2, सारण में 8, गया में 6, सीतामढ़ी में 4, शिवहर में 3, अऱरिया में 1 मरीज ठीक हुए हैं. 

आपको बता दें कि बिहार में मई में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. प्रवासी श्रमिकों के स्पेशल ट्रेनों से बिहार पहुंचने के बाद ये सिलसिला और भी अधिक बढ़ गया है. वहीं, सरकार ने प्रखंड स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था की है जहां प्रवासी श्रमिकों को पहले 14 दिनों तक रखा जाता है और उसके बाद ही उन्हें घर रवाना किया जाता है.