झारखंड: ग्रामीण क्षेत्रों में अब नहीं होगी डॉक्टरों की कमी, 367 चिकित्सकों को मिला नियुक्ति पत्र

367 में से 280 चिकित्सा पदाधिकारी जेपीएससी  द्वारा नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें स्थाई चिकित्सक के पद पर नियुक्त किया गया. जबकि 87 चिकित्सकों का एनएचएम द्वारा चयन हुआ था, उन्हें अनुबंध पर रखा गया है. 

झारखंड: ग्रामीण क्षेत्रों में अब नहीं होगी डॉक्टरों की कमी, 367 चिकित्सकों को मिला नियुक्ति पत्र
झारखंड सरकार द्वारा 367 चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया है.

रांची: झारखंड सरकार ने राज्यभर के 367 चिकित्सकों को नए साल का बेहतरीन तोहफा देते हुए नियुक्ति पत्र सौंपा है. राज्य भर के विभिन्न जिलों से 367 चिकित्सा पदाधिकारी और विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया गया. जिसमें 280 चिकित्सा पदाधिकारी, 44 स्पेशल मेडिकल ऑफिसर और 43 मेडिकल ऑफिसर को नियुक्ति पत्र देकर उनके बेहतर भविष्य की कामना करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने का वचन लिया गया.

जानकारी के अनुसार, 367 में से 280 चिकित्सा पदाधिकारी जेपीएससी (JPSC) द्वारा नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें स्थाई चिकित्सक के पद पर नियुक्त किया गया. जबकि बाकी 87 चिकित्सक जिनका एनएचएम (NHM) द्वारा चयन हुआ था, उन्हें अनुबंध पर रखा गया है. 

मामले पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ और समृद्ध झारखंड का जो मुख्यमंत्री ने सपना देखा है उसे पूरा करने की दिशा में यह एक कारगर कदम है. चिकित्सकों की कमी की भरपाई करने के लिए यह पहला चरण है और आगे भी इस तरीके से चिकित्सकों को नियुक्त किया जाएगा ताकि राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवा बहाल हो सके.

तकरीबन 3 साल के लंबे वक्त के बाद झारखंड में चिकित्सा पदाधिकारियों की हुई नियुक्ति से चिकित्सक बेहद खुश और आशान्वित हैं. जेपीएससी के माध्यम से जिन चिकित्सकों की नियुक्ति हुई है उनका कहना है कि अब उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही और भी ज्यादा बढ़ गई है कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को कैसे दुरुस्त किया जाए. 

वहीं, जिन चिकित्सकों को अनुबंध पर रखा गया है उनके मुताबिक यह अनुभव उनके कैरियर को सही मुकाम देने में कारगर साबित होगा और वह जी जान से मरीजों की सेवा करेंगे. साथ ही, नियुक्ति पत्र दिए जाने को चिकित्सकों ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है. बहरहाल 3 साल के लंबे अंतराल के बाद चिकित्सकों के पद पर हुई नियुक्ति ने जहां चिकित्सकों के चेहरे पर खुशी लाने का काम किया है. वहीं, ग्रामीण इलाकों में मौजूद मरीजों को राहत पहुंचाने की एक बेहतर पहल है.

Amita Kumari, News Desk