बिहार में गर्मी ने 'रूलाया', मुजफ्फरपुर में दर्ज किया गया 41.5 डिग्री सेल्सियस तापमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, मंगलवार को मुजफ्फरपुर में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.  

बिहार में गर्मी ने 'रूलाया', मुजफ्फरपुर में दर्ज किया गया 41.5 डिग्री सेल्सियस तापमान
मुजफ्फरपुर में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: एक तरफ जहां कोरोना वायरस ने जहां लोगों का जीन मुश्किल कर दिया है तो वहीं, दूसरी तरफ बढ़ती गर्मी ने लोगों को रूला दिया है. तपतपाती धूप में पसीना निकालने वाली गर्मी से लोग त्रस्त आ गए हैं. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, मंगलवार को मुजफ्फरपुर में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

इससे पहले, आईएमडी ने सोमवार को, उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के निकटवर्ती अंदरूनी भागों में चल रही शुष्क हवाओं के कारण, मंगलवार को गर्म लहर के थपेड़ों के चरम पर होने की बात कही थी. आईएमडी के उप महानिदेशक (मौसम विज्ञान) के.एस. होसलिकर ने कहा, 'कृपया गर्म दोपहरको लेकर सतर्क व तैयार रहें और पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे के बीच बाहर जाने से बचें.'

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 28 मई तक तेज गर्मी की स्थिति बनी रहेगी. अगले दो से तीन दिनों तक पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा के अंदरूनी भागों, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के अंदरूनी हिस्सो, तेलंगाना, बिहार और झारखंड में अलग-अलग इलाकों में गर्म मौसम की स्थिति बनी रहेगी.

राजस्थान के चुरू में मंगलवार को 50 डिग्री सेल्सियस और सोमवार को 47.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र प्रमुख डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि 28 मई की रात से कुछ राहत मिलेगी. जब पश्चिमी विक्षोभ उत्तरपश्चिम भारत को प्रभावित करेगा और पुरवैया हवाएं वायुमंडल में निचले सत्रों स्तरों पर चलेंगी.

उन्होंने कहा, 'धूलभरी आंधी और गरज के साथ 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, एनसीआर-दिल्ली में 29 और 30 मई को चलने की संभावना है.' स्काइमेट वेदर (एक निजी मौसम पूवार्नुमान एजेंसी) के महेश पलावत के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में 146 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.

उन्होंने कहा कि, गोलपारा और उत्तर लखीमपुर में भी भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे असम और मेघालय के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई.