close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बिहार: ई-रिक्शा से जा रहे 6 बच्चे कुएं में गिरे, आपसी सूझबूझ से बचाई जान

दरअसल बच्चे ई-रिक्शा पर सवार होकर केलावाड़ी गांव के पास बांध के नजदीक से गुजर रहे थे. तभी ई रिक्शा का संतुलन बिगड़ा और वह पास के कुएं में चला गया. हालांकि गनीमत रही कि हादसे में ई रिक्शा कुएं के बीच में ही अटक गया, लेकिन बच्चे एक-एक कर कुएं में गिर गए.

बिहार: ई-रिक्शा से जा रहे 6 बच्चे कुएं में गिरे, आपसी सूझबूझ से बचाई जान
गनीमत रही कि बच्चों को चोट तो आई लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.

बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय के केलावाड़ी गांव में उस समय अफरातफरी मच गई, जब ई-रिक्शा से जा रहे आधा दर्जन बच्चे संतुलन बिगड़ने से अचानक कुएं में गिर गए. ग्रामीणों को जैसे ही बच्चों के चिल्लाने से उनके कुएं में गिरने की जानकारी मिली, फटाफट रस्सी का इंतजाम किया गया और बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाद मौत के मुंह से बाहर निकाला गया.

 दरअसल बच्चे ई-रिक्शा पर सवार होकर केलावाड़ी गांव के पास बांध के नजदीक से गुजर रहे थे. तभी ई रिक्शा का संतुलन बिगड़ा और वह पास के कुएं में चला गया. हालांकि गनीमत रही कि हादसे में ई रिक्शा कुएं के बीच में ही अटक गया, लेकिन बच्चे एक-एक कर कुएं में गिर गए. संकट की इस घड़ी में भी बच्चों ने सूझ-बूझ दिखाई और एक-दूसरे का सहारा लेकर कुएं में लटके रहे. दुर्घटना के शिकार सभी बच्चों उसी हालत में मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया. 

 

उनकी आवाज गांव वालों के कानों तक पहुंची तो अफरातफरी मच गयी. लोग भागे-भागे कुएं तक पहुंचे और वक्त गंवाए बिना बच्चों को कुएं से निकालने का इंतजाम किया गया. जब तक सभी बच्चे कुएं से सुरक्षित बाहर नहीं निकल गए, तब तक लोगों की जान हलक में अटकी रही.

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई. गनीमत रही कि बच्चों को चोट तो आई लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. पांच बच्चों को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया जबकि एक बच्चे को इलाज के लिए पीएचसी तेघड़ा ले जाया गया.

हादसे में घायल एक बच्चे हर्षवर्धन ने बताया कि उसका एक साथी ई-रिक्शा चला रहा था. तभी उसके एक साथी ने हैंडल पर हाथ लगा दिया, जिससे एकाएक एक्सलेटर तेज हो गया और ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ गया. इसी दौरान ई रिक्शा कुएं की तरफ चला गया. 

इस दौरान सभी साथी कोई किसी का पीठ पकड़कर तो कोई पैंट पकड़कर कुंए में लटके रहे. हादसे के शिकार दूसरे बच्चे ने बताया कि सही वक्त पर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए और उन्हें रस्सी के सहारे बाहर निकाल लिया गया, नहीं तो उनकी जान भी जा सकती थी. स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि जब तेघरा पीएचसी में बच्चे को ले जाया गया तो वहां न तो डॉक्टर था और न ही दवाई थी. लोगों ने जर्जर हालत में पड़े कुएं को ठीक करने की मांग की भी मांग की है.
--Dharmendra Mani Rajesh, News Desk