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झारखंड: 600 से अधिक होमगार्ड किए गए नियुक्त, लेकिन डेढ़ साल से ना ड्यूटी मिली ना सैलरी

हर 15-20 दिन में ये युवा प्रशिक्षण के लिए चाईबासा स्थित जिला समादेष्टा कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं और हर बार उन्हें जल्द प्रशिक्षण मिलेगा का आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है. 

झारखंड: 600 से अधिक होमगार्ड किए गए नियुक्त, लेकिन डेढ़ साल से ना ड्यूटी मिली ना सैलरी
603 युवाओं को वर्ष 2018 में होमगार्ड के लिए बहाल किया गया. जिसमें 300 लडकियां भी शामिल थी.

पश्चिम सिंहभूम: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिला के 603 युवाओं को सरकार ने होमगार्ड की नौकरी दी, लेकिन डेढ साल बीत जाने के बाद भी उन्हें प्रशिक्षण नहीं दिया गया है, जिससे न तो उन्हें ड्यूटी मिल रही है और ना ही उन्हें वेतन मिल पा रहा है. नतीजा नौकरी मिलने के बाद भी बेरोजगार की तरह नवनियुक्त होमगार्ड भटकने को मजबूर हैं. इनकी स्थिति यह है कि प्रशिक्षण के इंतजार में ये युवा होमगार्ड की मिली नौकरी छोड कर दूसरी नौकरी नहीं तलाश कर पा रहे हैं.

हर 15-20 दिन में ये युवा प्रशिक्षण के लिए चाईबासा स्थित जिला समादेष्टा कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं और हर बार उन्हें जल्द प्रशिक्षण मिलेगा का आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है. इस उम्मीद में कि अगली बार प्रशिक्षण मिलेगा और ड्यूटी ज्वाइन करेंगे. इस उम्मीद में युवाओं ने डेढ़ साल बीता दिए, लेकिन अब तक प्रशिक्षण ही नहीं मिला. नतीजा इनका धैर्य भी जवाब देने लगा है और अब सडक पर उतरने के लिए तैयारी कर रहे हैं.

 

साल 2016 में प.सिंहभूम जिला में 603 होमगार्ड बहाली की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिले के हजारों आदिवासी युवाओं ने आवेदन किया, लंबी दौड़ लगाई और मेडिकल पास किया. सभी परीक्षण में सफल होने वाले 603 युवाओं को वर्ष 2018 में होमगार्ड के लिए बहाल किया गया. जिसमें 300 लडकियां भी शामिल थी. इन्हें अब प्रशिक्षण और ड्यूटी देना था. लेकिन मामला यहीं अटक गया. 

इस मामले में जब होमगार्ड के जिला समादेष्टा कार्यालय में संपर्क किया गया, तो कर्मियों ने बताया कि लंबे समय से जिला समादेष्टा की पोस्टिंग ही नहीं हुई है, जिसके कारण इन लोगों का मामला लटका पड़ा है. जब तक समादेष्टा की पोस्टिंग नहीं हो जाती तब तक प्रशिक्षण शुरू कराना संभव नहीं है.