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मुंगेर में 90 फीसदी सीसीटीवी कैमरे हैं खराब, पुलिस ने कहा- 'इसके लिए फंड नहीं है'

जिले में अपराध पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन द्वारा लगाई गई तीसरी आंख कहे जाने वाले सीसीटीवी कैमेरे आज रखरखाव के आभाव में बीमार हो चुके हैं.

मुंगेर में 90 फीसदी सीसीटीवी कैमरे हैं खराब, पुलिस ने कहा- 'इसके लिए फंड नहीं है'
मुंगेर जिले में सुरक्षा के लिए लगे 90 फीसदी सीसीटीवी कैमरे खराब हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

मुंगेरः बिहार का मुंगेर जिला हथियारों के लिए काफी मशहूर है. ऐसे में यहां सड़क पर क्राइम कभी भी और कही भी होने की पूरी संभावना है. वहीं, क्राइम रोकने के लिए पुलिस को हाईटेक होने की बात कही जा रही है. लेकिन हाईटेक होने की कवायद फेल होते दिख रही है. जिले में 90 फीसदी सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं और पुलिस का कहना है कि कैमरे ठीक कराने के लिए पैसे नहीं हैं. ऐसे में सवाल है कि पुलिस किस हाईटेक सुरक्षा की बात कर रही है.

दरअसल, जिले के 9 प्रखंडों के जन सहयोग के माध्यम से पुलिस विभाग के द्वारा विभिन्न जगहों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीव कैमरे लगाए गए थे. जिससे शहर में अपराध कम हो या फिर सीसीटीवी के नजर में हुई अपराध करने वाले अपराधी पकड़ा जा सके. लेकिन जिले के 90 फीसदी सीसीटीवी कैमरे मेंटनेंस की अभाव में ख़राब पड़े है. ऐसे में शहर की सुरक्षा वयवस्था तीसरी नजर से दूर हो गई है. 

जिले के विभिन्न क्षेत्रों सहित शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाके में अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगाए गए दर्जनों सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं. इसकी पोल उस समय खुल जाती है जब बेखौफ अपराधी वारदात को अंजाम देकर निकल जा रहे हैं, और पुलिस को सुराग तक नहीं मिल पाती है. वहीं सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले में भी जनप्रतिनिधि व अधिकारी लापरवाह बने हैं.

जिले में अपराध पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन द्वारा लगाई गई तीसरी आंख कहे जाने वाले सीसीटीवी कैमेरे आज रखरखाव के आभाव में बीमार हो चुके हैं. जिससे न केवल अपराधियों का मानोबल लगातार बढ़ता जा रहा है. बल्कि, लोगों की सुरक्षा भी दावं पर लगी है. वहीं, प्रशासन इसको लेकर उदासीन बनी हुई है. जिले के विभिन्न क्षेत्रों की निगरानी के लिए कई कैमरे लगाये गये थे. जिसमें से अधिकांश खराब पड़े हैं

मुंगेर शहर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. जिसमें से मात्र 7 कैमरे ही ठीक हैं. वहीं, जमालपुर के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. जिसमें से केवल 1 सीसीटीवी कैमरा ही ठीक से काम कर रहे हैं. जबकि बरियारपुर क्षेत्र में कुल 16 कैमरे लगाये गये हैं. जिसमे से केवल 5 सीसीटीवी कैमरे ही चालू है. 

मुंगेर एसपी ने बताया की शहर में जो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं वह जन सहयोग के माध्यम से लगाए गए है. लेकिन विभाग की ओर से इसके लिए कोई फंड जारी नहीं किया गया है. जिससे की सीसीटीवी कैमरे का मैंटेनेंस कराया जा सके इसलिए पैसे के अभाव में लगे सीसीटीवी कैमरों का रखरखाव नहीं हो पता है.