झारखंड में 93 कोरोना संदिग्धों की पहचान, सख्ती से कराया जा रहा लॉकडाउन का पालन

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अभी तक कुल 93 संदिग्ग्ध लोगों के सैंपल की जांच हुई है. इनमें से 85 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. किसी के भी कोरोनावायरस से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई है. 

झारखंड में 93 कोरोना संदिग्धों की पहचान, सख्ती से कराया जा रहा लॉकडाउन का पालन
अभी तक कुल 93 संदिग्ग्ध लोगों के सैंपल की जांच हुई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रांची: झारखंड में अभी तक कोरोनावायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अभी तक कुल 93 संदिग्ग्ध लोगों के सैंपल की जांच हुई है. इनमें से 85 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. किसी के भी कोरोनावायरस से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई है. 

छह लोगों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, सैंपलों की जांच पहले एमजीएम अस्पताल में होती थी, लेकिन मंगलवार से रांची के रिम्स में भी सैंपलों की जांच प्रारंभ कर दी गई है. मंगलवार को कुल आठ संदिग्धों के सैंपल लिए गए थे.

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चीन, इटली और अन्य देशों से लौटे 450 यात्रियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. इस बीच प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश मे लॉकडाउन की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि यह पहले होना चाहिए था.

उन्होंने कहा, "मैंने पूरे राज्य का जायजा लिया है, हमारी तैयारी ठीक है और कई मामलों में शुरुआती है. खुशी की बात है कि कोई भी राज्य में पॉजिटिव मामला नहीं है." इस बीच स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नितिन कुलकर्णी ने कहा कि अब लोगों को सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. 

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी मुख्यालयों में कोरोना के सैंपल कलेक्शन किए जा सकेंगे. इसके लिए सभी जिलों में किट उपलब्ध करा दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि जिला के सदर अस्पतालों में अब सैंपल कलेक्शन किए जा सकेंगे.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार तैयारियों को लेकर योजना बना रही है. उन्होंने कहा कि होटलों और स्कूलों को भी आइसोलेशन वॉर्ड बनाने की रणनीति तैयार की गई है.