झारखंड: ग्रामीणों ने पेश की मिसाल, पूरा गांव हुआ लॉकडाउन, देसी सेनेटाइजर किया तैयार

प्रधानमंत्री मोदी ने देशव्यापी लॉक डाउन बुलाया है. इसके तहत लोगों को अपने घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है, जिसे सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन को सड़कों पर उतरकर लोगों पर सख्ती बरतने का आदेश दे दिया गया है.

झारखंड: ग्रामीणों ने पेश की मिसाल, पूरा गांव हुआ लॉकडाउन, देसी सेनेटाइजर किया तैयार
ड़ाम गांव के ग्रामीणों ने देसी लॉकडाउन कर एक मिसाल कायम की है.

रांची: कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशव्यापी लॉक डाउन बुलाया है. इसके तहत लोगों को अपने घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है, जिसे सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन को सड़कों पर उतरकर लोगों पर सख्ती बरतने का आदेश दे दिया गया है.

ग्रामीणों ने पेश की मिसाल
एक तरफ जहां पुलिस को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए सड़कों पर सख्ती दिखानी पड़ रही है वहीं, नामकुम थाना क्षेत्र के बड़ाम गांव के ग्रामीणों ने देसी लॉकडाउन कर एक मिसाल कायम की है. जहां पर ग्रामीणों ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वता पूरे गांव का लॉक डाउन कर दिया है

गांव के एंट्री गेट पर लगा नो एंट्री का बोर्ड
नामकुम थाना क्षेत्र के ग्राम गांव के जराटोली गांव में लगा यह बेरियर प्रधानमंत्री मोदी के लॉक डाउन को सफल बनाने का एक देसी प्रयास है. दरअसल यहां बाहर के लोगों का प्रवेश वर्जित है.

ग्रामीणों के लिए देसी सैनिटाइजर की है व्यवस्था
वही किसी प्रकार की इमरजेंसी के लिए अगर कोई ग्रामीण गांव से बाहर जाता है तो उन्हें देसी सैनिटाइजर के जरिए हाथ साफ करवाया जाता है. दरअसल बाजार में सैनिटाइजर की किल्लत की वजह से ग्रामीणों ने देसी नुस्खा अपनाया है और पानी को गर्म कर उस पर नमक डालकर उबाला जाता है और जो भी ग्रामीण गांव से बाहर या फिर गांव के अंदर अपने जरूरी काम को पूरा कर लौट रहे हैं उन्हें हाथ और पैर इसी नमक डाले हुए गर्म पानी से बुलाया जाता है और फिर गांव के अंदर जाने की इजाजत दी जाती है.