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रांची: जारी रहेगी आंगनबाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल, लाठीचार्ज से महिलाओं में आक्रोश

नौ सूत्रीय मांगों को लेकर संघ के विरोध के बीच मंगलवार को जिस तरह से महिला कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया गया उससे महिलाएं आक्रोश में हैं. प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

रांची: जारी रहेगी आंगनबाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल, लाठीचार्ज से महिलाओं में आक्रोश
राज्य की सेविका सहायिका हज़ारों की संख्या में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है.

रांची: झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का आंदोलन लंबे समय से चल रहा है. नौ सूत्रीय मांगों को लेकर संघ के विरोध के बीच मंगलवार को जिस तरह से महिला कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया गया उससे महिलाएं आक्रोश में हैं. प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. ऐसे में अब पूरे राज्य की सेविका सहायिका हजारों की संख्या में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है.

महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के द्वारा कई बार लिखित समझौता होने के बाद भी आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की मांगो पर विचार नहीं किया गया. इसलिए 16 अगस्त से संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है और आज 41 दिन हो गए हैं, इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

 

आंगनवाड़ी वर्कर्स की मांग है कि विकास सहायिका की नियमावली बनाई जाए और सहायिका को तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, साथ ही मानदेय नहीं वेतन दिया जाए. वहीं आंगनबाड़ी सेविका को 18 हजार और सहायिका को 9000 रुपए दिए जाते हैं, ऐसे में संघ की मांग है की समान काम के बदले समान वेतन लागू किया जाए. इसके अलावा आंगनबाड़ी सेविका सहायिका की सेवानिवृत्ति 60 वर्ष की जाए. वहीं दिल्ली हरियाणा बिहार यूपी बंगाल की तर्ज़ पर सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक लाभ दिया जाए और पेंशन योजना भी लागू की जाए. संघ का कहना है की जब तक सरकार ये मांगे पूरी नहीं करेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी .

आपको बता दें की मंगलवार को आंदोलन कर रहे कर्मचारी संघ पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था जिसके बाद संघ आक्रोशित है. विपक्ष ने भी सरकार को इस मसले पर घेरने की कोशिश की है. लंबे समय से आंदोलन कर रही आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं की मांग को लेकर सरकार भी गंभीर नज़र नही आ रही है.
Saloni Srivastava, News Desk