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PMCH के ICU वार्ड में मरीजों को गर्मी से राहत देने के लिए परिजन हांक रहे हैं पंखा

पीएमसीच के शिशु वार्ड की स्थिति देखकर सूबे के सबसे बड़े अस्पताल की पोल खुल गई. 

PMCH के ICU वार्ड में मरीजों को गर्मी से राहत देने के लिए परिजन हांक रहे हैं पंखा
पीएमसीएच में एईएस वार्ड की स्थिति अच्छी नहीं है.

पटनाः बिहार के मुज़फ्फरपुर में AES यानी चमकी बुखार की वजह से अब तक 84 बच्चों के मौत के आकड़े सरकारी फाइल में दर्ज हैं. हालांकि, यह आकंड़ा 100 पार कर गया है. वहीं, पटना स्थित पीएमसीएच अस्पताल में अब तक चमकी बुखार के मरीज कितने आये हैं और कितने की मौत हुई है, इसका आकड़ा देने से अस्पताल प्रशासन से बच रहे है.

पीएमसीच के शिशु वार्ड की स्थिति देखकर सूबे के सबसे बड़े अस्पताल की पोल खुल गई. पीएमसीएच के अधीक्षक चमकी बुखार के मरीजों का आकड़ा नहीं बता रहे है, लेकिन जिस वार्ड में चमकी बुखार के बच्चों का इलाज हो रहा है उस वार्ड की नर्स ने इतना जरूर बताया की शनिवार यानी 15 जूंन को वैशाली से 3 बच्चे आये थे जिसमे 2 की मौत पीएमसीएच में हो गई. वहीं, हर दिन एक-दो मरीज यहां आ रहे हैं.

चमकी बुखार यानी AES वार्ड के ICU का जायजा लिया जिसमें बच्चों का इलाज चल रहा था तो इस वार्ड की स्थिति देखने लायक थी. ICU वार्ड की AC पिछले चार दिनों से खराब है. और बच्चों के परिजन ICU में बच्चों को पंखे से हाक कर गर्मी को दूर कर रहे हैं.

इस बारे में जब मरीजों से पूछा गया की उनको दिक्कतें कितनी हो रही है तो उनका कहना था की AC  ख़राब है रात भर गर्मी की वजह से बच्चे को कपड़ा भींगाकर पट्टी करते रहे है.

जब वार्ड की नर्स पूछा गया की एसी कितने दिनों से खराब है तो नर्स बताने से कतराने लगी. लेकिन बार बार पूछे जाने पर बताया की चार दिनों से ऐसी खराब है, और इसकी जानकारी इंचार्ज को दे दी गई है.

ऐसे में सुबे के सबसे बड़े अस्पताल में आईसीयू की हालत इस स्तिथि में है कि गरीब मरीज अब कहां जाएंगे. जहां सरकार एईएस से निपटने का दावा कर रहा है. वहीं, पीएमसीएच की व्यवस्था सारी चीजों का पोल खोल रही है.