close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

गिरिराज सिंह के बाद BJP के एक और सांसद का नीतीश कुमार पर हमला, JDU ने दी नसीहत

सासंद ने सूखे की आकलन को त्रूटिपूर्ण करार दिया है. इस बाबत उन्होंने मुख्य सचिव को चिट्ठी लिख दी. चिट्ठी में सासंद ने अपने क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय होने की बात कही. 

गिरिराज सिंह के बाद BJP के एक और सांसद का नीतीश कुमार पर हमला, JDU ने दी नसीहत
बीजेपी सांसद सुशील सिंह का नीतीश सरकार पर हमला. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में जनता दल युनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कलह कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है. एकबार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में घमासान की स्थिति है. इस बार सूखे पर सियासत चमकाई जा रही है. गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) के बाद अब बीजेपी सासंद सुशील कुमार सिंह (Sushil Kumar Singh) ने तलवार निकाली है. बीजेपी सासंद सुशील कुमार सिंह ने सूखे पर नीतीश सरकार को घेरा है. सरकार पर औरंगाबाद और गया को लेकर आरोप लगाया है.

सासंद ने सूखे की आकलन को त्रूटिपूर्ण करार दिया है. इस बाबत उन्होंने मुख्य सचिव को चिट्ठी लिख दी. चिट्ठी में सासंद ने अपने क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय होने की बात कही. वहीं, जेडीयू सासंद पर हमलावर है. जेडीयू ने बीजेपी सांसद को जानकारी नहीं होने का आईना दिखाया है.

बिहार सरकार में मंत्री और जेडीयू नेता मंत्री श्याम रजक ने सांसद को बड़ी नसीहत दी है. चुटकी लेते हुए कहा है कि सांसद अपने मित्र से क्यों नहीं बात कर लेते हैं. कृषि मंत्री उनके मित्र हैं. उनसे बात कर पूरी रिपोर्ट क्यों नहीं मांग लेते हैं. इसके अलावा श्याम रजक ने कहा है कि इससे यदी नहीं होता है तो वे गूगल कर लें. गूगल से देख लें कि कहां कितनी बारिश और फसल का आच्छादन हुआ है. सूखे की घोषणा के लिए एक पैमाना बना हुआ है. श्याम रजक ने कहा कि कहां कितनी बारिश हुई और कितने फसल का आच्छादन हुआ है, इसी आधार पर सूखे की घोषणा होती है. श्याम रजक ने कहा है कि मेरे विधानसभा सीट में पुनपुन प्रखंड में एक भी पंचायत सूखाग्रस्त नहीं है. वहीं, फुलवारीशरीफ प्रखंड का मात्र एक पंचायत सुखाग्रस्त नहीं है.

बीजेपी-जेडीयू की कलह बार-बार निकल कर सामने आ जाती है. एक शांत नहीं होता कि दूसरी पार्टी के नेता बायनों से सूबे की सियासत गरमा देते हैं. बीजेपी और जेडीयू दोनों आमने-सामने है. दोनों दल के नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयानबजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं. जिसको जब कभी भी मौका मिलता, आग उगलने लगते हैं. जेडीयू-बीजेपी साथ रहकर विपक्ष की भूमिका निभा रही रहा है. विपक्ष में बैठी राजद बस चासनी लगा रही है.

बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा है कि कोई भी सासंद और विधायक जनता के प्रति उत्तरदायी होता है. उन्होंने कहा है कि किसी जनप्रतिनिधि को अधिकारी के पास चिट्ठी लिखना कोई अतिरेक वाली बात नहीं है. निखिल आनन्द ने कहा है कि सरकार इसका समाधान करेंगी. स्थानीय स्तर के अधिकारियों की गलत फीडबैक और लापारवाही की वजह से इस तरह के मामले सामने आते हैं. स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधि को भी इस पर अपनी बात रखनी चाहिए थी. मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी गई है. इसके बाद मुख्य सचिव पूरी स्थिति की समीक्षा करेंगे. इसके बाद सूखे की स्थिति झेल रहे पंचायत को सूखाग्रस्त में शामिल किया जायेगा. विपक्ष के सवाल पर बीजेपी ने कहा है कि विपक्ष सिर्फ आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ बोलना जानती है. इनका खेल खत्म होने वाला है.

सासंद की चिठ्टी पर मचे बबाल पर बीजेपी फिलहाल कुछ ज्यादा नहीं बोल रही. बीजेपी की ओर से सफाई में कहा जा रहा है कि कोई जनप्रतिनिधि अपनी जनता की समस्याएं को उठाते रहते हैं. जनता के अधिकार के लिए वे अधिकारियों से बात करते हैं. चिट्ठी लिखते हैं. यही सब सांसद सुशील कुमार सिंह ने किया है. गिरिराज सिंह हो या सुशील कुमार सिंह दोनों ने जनता की आवाज को उठाया है.

वहीं, आरजेडी नेता शिवचन्द्र राम ने कहा है कि बीजेपी और जेडीयू में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. एक-दूसरे पर विश्वास नहीं रहा है. सीएम नीतीश कुमार के चेहरे से बीजेपी और जनता ऊब चुकी है. बीजेपी के नेता सीएम नीतीश कुमार को बेइज्जत कर रहें हैं. शीर्ष नेताओं के इशारों पर यह सब हो रहा है. शीर्ष नेता पेट बनकर छोटे नेताओ से अपनी बात कहवा रहें हैं. शिवचन्द्र राम ने कहा है कि बीजेपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को किनारा लगाना चाह रही है. दिल्ली में सीएम नीतीश कुमार को आवास देकर बीजेपी ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है. सीएम नीतीश कुमार पर जुबानी हमले बोलकर सीएम नीतीश कुमार के चेहरे पर कालिख पोत रही है. विकास के लायक नहीं रहे हैं नीतीश कुमार.

दो बिल्ली की लड़ाई में बंदर को खाने का मौका मिल गया है. आरजेडी को दोनों दलों ने सियासी रोटियां सेकने का पूरा मौका दे दिया है. जेडीयू और बीजेपी के नेता एक दूसरे पर वार कर रहे हैं और आरजेडी है कि जो बीच में मलाई खा रही है. दोनों के झगड़े में आरजेडी की पांचों उंगलियां घी में है.