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मुजफ्फरपुर के हालात देखकर अररिया अस्पताल में जारी किया गया अलर्ट

मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का प्रकोप जारी है. अभी तक बिहार में इस बीमारी से 80 से अधिक बच्चों की मौत हो गई. अकेले मुजफ्फरपुर में आंकड़ा 60 के पार हो गयी है.

मुजफ्फरपुर के हालात देखकर अररिया अस्पताल में जारी किया गया अलर्ट
अररिया सदर अस्पताल में अलर्ट जारी किया गया है.

अररियाः मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का प्रकोप जारी है. अभी तक बिहार में इस बीमारी से 80 से अधिक बच्चों की मौत हो गई. अकेले मुजफ्फरपुर में आंकड़ा 60 के पार हो गयी है. ऐसे हालात को देखते हुए अररिया अस्पताल में अलर्ट जारी किया गया है. सिविल सर्जन ने जिेले के सभी स्वास्थ्य और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर अलर्ट जारी कर दिया है.

बताया जा रहा है कि बीमारी से लड़ने के लिए सदर अस्पताल में AES वार्ड बनाया गया है. शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया साफ-सफाई रहना ही एकमात्र इस रोग के बचाव का रास्ता है. बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी रोग यानी इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से अब तक 60 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है. इस मौत ने बिहार के साथ पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है.

अब इस बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने हर जिले में अलर्ट जारी किया है. अररिया सीएस सुरेश प्रसाद सिन्हा ने बताया कि हमारे द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य व उप स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. ताकि कोई भी इस तरह का मरीज सामने आता है तो उसको प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत सदर अस्पताल अररिया भेज दिया जाए. जहां उन बच्चों के लिए एक स्पेशल AES वार्ड बनाया गया है.

सदर अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक डॉ नजिस ने बताया कि AES वार्ड में 7 बेड है. वातानुकूलित इस वार्ड में रोग से ग्रसित बच्चों को रखा जाएगा और उनके ब्लड सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए हायर सेंटर पटना भेज दिया जाएगा. वहीं, सदर अस्पताल में कार्यरत शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मोइज़ ने बताया कि इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम रोग में कई तरह की बीमारियां शामिल हैं. जिसमें बच्चों में कई लक्ष्ण देखे जाते हैं.

अगर समय रहते उनका इलाज नहीं किया गया तो बच्चों की मौत हो सकती है, यही कारण है कि इतने बड़े पैमाने पर बच्चों की मौत हुई है. इसको लेकर अगर बचाव करना है तो अपने आसपास किसी भी तरह की गंदगी ना रखें. घर आंगन और आसपास पूरी तरह से साफ सफाई रखें इससे बचाव का यही एकमात्र उपाय है. सदर अस्पताल में रोग से बचाव के लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं मरीजों के रखरखाव देखरेख के लिए यहां डॉक्टर के साथ नर्स तैनात किए गए हैं.