चक्रधरपुर से चुनाव लड़ने की जिद पर अड़ा है AJSU, बीजेपी ने भी ठोकी है दावेदारी

आजसू जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ महतो ने सीएम के उस बयान पर भी कटाक्ष किया है जिसमें रघुवर दास ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद चक्रधरपुर को जिला बनाने की घोषणा की थी. 

चक्रधरपुर से चुनाव लड़ने की जिद पर अड़ा है AJSU, बीजेपी ने भी ठोकी है दावेदारी
चक्रधरपुर पर AJSU और बीजेपी की दावेदारी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रांची: झारखंड के चक्रधरपुर में आजसू (AJSU) चुनाव लड़ने की जिद पर अड़ा हुआ है. प्रत्याशी के रूप में रामलाल मुंडा को प्रोजेक्ट करना शुरू भी कर दिया है. लेकिन चक्रधरपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ भी चुनाव लड़ना चाहते हैं. ऐसे में आजसू और बीजेपी के गठबंधन का चक्रधरपुर में नया फार्मूला क्या बनेगा इसपर सबकी निगाहें बनी हुई हैं.

लेकिन चुनाव से पहले आजसू की भूमिका दिलचस्प नजर आ रही है. न तो वे विपक्ष के साथ खड़े नजर आ रहे हैं और न ही सत्ता के साथ उनकी गांठ मजबूत नजर आती है. आजसू के नेता न सिर्फ झामुमो के केन्द्रीय नेतृत्व को टारगेट कर रहे हैं, बल्कि झारखंड के सीएम के भी दावे की पोल खोल रहे हैं.

आजसू जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ महतो ने सीएम के उस बयान पर भी कटाक्ष किया है जिसमें रघुवर दास ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद चक्रधरपुर को जिला बनाने की घोषणा की थी. सिद्धार्थ महतो को लगता है कि सीएम की यह घोषणा चुनावी है. अगर सीएम चाहते तो चक्रधरपुर जिला पांच साल के कार्यकाल में ही बन सकता था, अभी भी देर नहीं हुई आचार संहिता लागू होने से पहले सीएम वायदा नहीं कर इसे करके दिखा सकते हैं. लेकिन शायद यह चुनावी घोषणा है इसलिए सीएम ने हारी हुई जमीन जीतने के लिए इस पर दांव खेला है.

वहीं, आजसू के विधानसभा प्रभारी रामलाल मुंडा ने झामुमो को निशाने पर लिया है. रामलाल मुंडा ने झामुमो को आदिवासियों को धोखा देकर आदिवासियों की भावना से खेलना वाली पार्टी बताया है. उन्होंने कहा कि झामुमो का केन्द्रीय नेतृत्व आरोपों से घिरा हुआ है. दोनों पिता पुत्र पर कई आरोप हैं. एक ने झारखंड को सदन में बेचा तो दूसरे ने आदिवासियों की जमीन ही हड़प ली. ऐसे नेताओं की पार्टी को इसबार जनता सबक सिखाएगी.

आजसू के नेताओं की बयानबाजी से साफ़ है कि चुनाव से पहले वे किसी पार्टी या सत्ता के साथ नजर नहीं आना चाहते हैं. अपनी अलग निति सिद्धांत दिखाकर जनता के बीच अपनी पहुंच बनाने की आजसू की यह एक नई निति है. इस नई निति से राजनीति के महायुद्ध में आजसू को कितना लाभ मिलता है यह तो चुनाव के दौरान ही पता चलेगा.