...तो इसलिए सोनिया गांधी से मिलने जा रहे हैं झारखंड कांग्रेस के चारो मंत्री

झारखंड में महागठबंधन को पूर्ण बहुमत मिली है. कांग्रेस और आरजेडी ने मिलकर सरकार बनाया है. चुनाव के दौरान तीनों के अलग-अलग घोषणापत्र जनता के बीच लाए गए थे, जिसमें कांग्रेस ने किसानों के कर्ज माफी और फसल खरीद में अधिक गांव देने के वायदे किए हैं. 

...तो इसलिए सोनिया गांधी से मिलने जा रहे हैं झारखंड कांग्रेस के चारो मंत्री
झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे के चारों मंत्री करेंगे पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड में कांग्रेस कोटे के चारों मंत्री रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख सोमवार को पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात करने दिल्ली रवाना होंगे. हालांकि मुलाकात 25 फरवरी को होना संभव है. मंत्री बनने के बाद कांग्रेस के सभी मंत्रियों की पार्टी अध्यक्षा से यह पहली मुलाकात होगी. 

वैसे तो पार्टी के तरफ से इसे औपचारिक व शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन बीजेपी इस मुलाकात पर तंज कसते हुए कह रही है कि सोनिया गांधी से मंत्रियों के मिलने में जरूर कोई राज है. कांग्रेस ने जो चुनाव के दौरान घोषणा पत्र के माध्यम से जनता से वादे किए हैं जैसे कि किसानों की कर्जमाफी समेत कई वादे हैं, जिसे पूरा करने में सरकार में तालमेल नहीं बैठा पा रही है.

वहीं कांग्रेस और जेएमएम सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं. कांग्रेस और जेएमएम का कहना है कि बीजेपी अपनी हार को पचा नहीं पा रही है.

क्या है मंत्रियों के मिलने की वजह ?
झारखंड में महागठबंधन को पूर्ण बहुमत मिली है. कांग्रेस और आरजेडी ने मिलकर सरकार बनाया है. चुनाव के दौरान तीनों के अलग-अलग घोषणापत्र जनता के बीच लाए गए थे, जिसमें कांग्रेस ने किसानों के कर्ज माफी और फसल खरीद में अधिक गांव देने के वायदे किए हैं. 

अब इसे पूरा करने का वक्त आया है, जिसको लेकर कांग्रेस के सभी मंत्री आलाकमान से मिलकर इस पर विस्तृत चर्चा करने दिल्ली रवाना हो रहे हैं. ऐसे में विपक्ष ने हमला सरकार पर हमला बोला है.

क्या है अंदर की बात ? 
बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी की मानें तो कांग्रेस और जेएमएम ने जनता से झूठे वादे किए हैं, लेकिन अभी उन्हें इंतजार है कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करती है या नहीं. बाबूलाल मरांडी की मानें तो घोषणा पत्र के माध्यम से लिखित में सरकार ने जनता से वादा किया है. अगर पूरा नहीं करते तो जनता उन्हें माफ नहीं करेगी और हम सभी उनसे हिसाब मांगेंगे. 

वही कांग्रेस प्रवक्ता शमशेर आलम इस मुलाकात को शिष्टाचार व औपचारिक मुलाकात बता रहे हैं. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी अपनी हार की बौखलाहट में इस तरह की बातें कर रही है. उन्हें जनता की ओर से दिए गए जनादेश का सम्मान करना चाहिए. बाबूलाल मरांडी खुद बीजेपी के शरण में आए हैं. पहले अपनी जगह मजबूत कर लें फिर दूसरों पर कुछ बोलें.

इसके साथ ही जेएमएम प्रवक्ता विनोद पांडे ने भी बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के मंत्री अगर आलाकमान से मिलने जाते हैं तो इससे बीजेपी को क्यों दर्द हो रहा है दरअसल बीजेपी को हार अभी तक पच नहीं रहा है. 

एक बार विपक्ष में बैठने की जनता ने उन्हें जनादेश दिया है तो उन्हें ईमानदारी पूर्वक विपक्ष की भूमिका का निर्वाहन करना चाहिए, ना की सरकार पर सिर्फ आरोप लगाने का काम करते रहें. महागठबंधन की सरकार ने जो जनता से वादे किए हैं उसे जरूर पूरा करेगी

कल 24 फरवरी को कांग्रेस के चारों मंत्री कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली रवाना होंगे. 25 फरवरी को सोनिया गांधी से मंत्रियों की मुलाकात की संभावना है. 

इस पर वर्तमान राजनीतिक हालातों की जानकारी के साथ-साथ 28 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में पार्टी की भूमिका और सरकार के द्वारा कांग्रेस के घोषणा पत्र को लागू करने को लेकर विस्तृत रूप से सोनिया गांधी से चर्चा करेंगे. किसानों की कर्ज माफी सबसे बड़ी घोषणा कांग्रेस के द्वारा चुनाव में किया गया है अब देखना होगा इसे कांग्रेस या हेमंत सरकार कब तक पूरा करती है