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बिहार में सभी सरकारी कर्मचारियों को दिलाया गया आजीवन शराब न पीने की शपथ

बिहार के सरकारी कर्मचारियों ने एक बार फिर शपथ ली हैं जिसमें कहा गया है कि वह शराब नहीं पीते हैं और आजीवन शराब का सेवन नहीं करेंगे.

बिहार में सभी सरकारी कर्मचारियों को दिलाया गया आजीवन शराब न पीने की शपथ
बिहार में कर्मचारियों ने शराब न पीने की शपथ ली है.

कृष्णदेव कुमार/पटनाः बिहार के सभी सरकारी कर्मचारियों ने पहले शराब नहीं पीने की शपथ ली थी. वहीं, सोमवार को एक बार फिर शपथ ली हैं जिसमें कहा गया है कि वह शराब नहीं पीते हैं और आजीवन शराब का सेवन नहीं करेंगे. इसके लिए उन्होंने शपथ पत्र पर लिख कर दिया की वह शराब का सेवन कभी नहीं करेंगे.

सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक, सभी सरकारी दफ्तरों में सरकारी कर्मचारियों ने शराब नहीं पीने की शपथ ली. हालांकि इससे पहले भी उन्होंने शपथ ली थी, लेकिन सरकार के निर्देश पर उन्हें फिर से शपथ दिलाया गया है. इसके साथ ही शपथ पत्र में शराब सेवन नहीं करने और अगर सेवन करने पर दंड के भागी होने का स्वघोषणा पत्र दिया. इस बात का निर्देश भी दिया गया है.

दरअसल, बिहार में शराब मिलने की वारदात काफी बढ़ गई है. शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी इन दिनों शराब की तस्करी बढ़ गई है, और कुछ सरकारी महकमों में भी शराब पीने का खेल सामने आया है. जिसके बाद सरकार ने इस पर कार्रवाई करने के लिए नया रूख अख्तियार किया है.

राज्य सरकार के आदेश पर मुख्यसचिव दीपक कुमार ने एक बार फिर से 11 बजे सभी सरकारी कार्यालयों में शराबबंदी के लिए शपथ दिलाई. पटना सचिवालय में भी शराबबंदी की शपथ दिलाई गई. सभी सरकारी सेवकों ने शपथ पत्र में यह लिख कर दिया कि वह शराब का सेवन नहीं करेंगे और अगर कभी ऐसा हुआ तो वह इसके लिए सजा पाने को तैयार रहेंगे.

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी सफल है. पीने वाले जेल भेजे जा रहे है.

बिहार में शराबबंदी के तीन वर्ष पूरा हो जाने पर औैरंगाबाद में सभी सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों ने आजीवन शराब न पीने की शपथ ली. जिले के विभिन्न कार्यालयों में एक कार्यक्रम के माध्यम से सभी ने सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि सूबे से बाहर जाकर भी शराब न पीने तथा आजीवन इस शपथ का मान रखने का जहां संकल्प लिया. वहीं, इसमें संलिप्त पाये जाने पर कठोर दंड के साथ साथ नौकरी से बर्खास्तगी तक के भागीदार बनने का भी अपना शपथ पत्र दाखिल किया,

जिले के डीएम राहुल रंजन महिवाल ने भी सभी अधिकारियों के साथ साथ खुद भी आजीवन शराब न पीने की शपथ ली और पुर्ण रूप से शराबबंदी को सख्ती से लागू किये जाने के निर्देश भी दिये.  

सीएम नीतीश कुमार ने 12 जून की बैठक में निर्देश दिया था कि सभी कर्मियों से शराब नहीं पीने की शपथ दिलाई जाए. साथ ही वह शपथ पत्र भरकर कर दें कि वे आजीवन शराब नहीं पीयेंगे. सीएम के आदेश के बाद 29 जुलाई को बिहार के सभी सरकारी दफ्तरों में शराब नहीं पीने की शपथ दिलाई गई.