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जलजमाव से नाराज राजेन्द्र नगर के लोगों ने घेरा अपने पड़ोसी और डिप्टी सीएम सुशील मोदी का घर

राजेन्द्र नगर (Rajendra Nagar) में 10 दिनों तक हुए जलजमाव (waterlogging) और उसके बाद लगी गंदगी (mess) के खिलाफ नाराज लोगों का गुस्सा (anger) रविवार को फूट पड़ा

जलजमाव से नाराज राजेन्द्र नगर के लोगों ने घेरा अपने पड़ोसी और डिप्टी सीएम सुशील मोदी का घर
लोगों ने कहा कि हमें हमारे हुए नुकसान का सरकार से उचित मुआवजा चाहिए

पटना: यह पहला मौका है जब किसी मंत्री के पड़ोसियों ने भी उनके घर का घेराव कर दिया हो. जी हां, हम बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी (Bihar Deputy CM Sushil Modi) की बात कर रहे हैं. पटना (Patna) के राजेन्द्र नगर में जलजमाव के कारण हुए नुकसान से नाराज स्थानीय लोगों ने अपने ही पड़ोसी (neighbor) और बिहार के डिप्टी सीएम के आवास का घेराव कर दिया है. राजेन्द्र नगर (Rajendra Nagar) के लोग इस हालात के लिए डिप्टी सीएम को जिम्मेवार ठहरा रहे थे. स्थानीय लोगों का आरोप था कि भारी बारिश (heavy rain) की चेतावनी के बाद भी डिप्टी सीएम (Deputy CM) ने एहतियात के तौर पर कोई व्यवस्था नहीं करवाई.

राजेन्द्र नगर (Rajendra Nagar) में 10 दिनों तक हुए जलजमाव (waterlogging) और उसके बाद लगी गंदगी (mess) के खिलाफ नाराज लोगों का गुस्सा (anger) रविवार को फूट पड़ा. राजेन्द्र नगरवासियों ने सरकार की लापरवाही (Negligence) के खिलाफ पहले रोड नंबर 11 में धरना प्रदर्शन (protest) किया. उसके बाद लोगों ने अपने पड़ोसी सुशील मोदी (Sushil Modi) के आवास का घेराव कर दिया. घेराव करने वाले में स्थानीय पुरुष के साथ-साथ बड़े पैमाने पर महिलाएं भी शामिल थीं. इस घेराव प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें ज्यादातर संभ्रात परिवार के पुरुष महिलाएं शामिल थीं.

सभी लोगों का एक ही कहना था कि आखिर दस दिनों तक राजेन्द्र नगर (Rajendra Nagar) से पानी क्यों नहीं निकला. पानी के कारण उनका जो लाखों का नुकसान हो गया है उसकी भरपाई कौन करेगा. स्थानीय लोग 10 दिनों तक हुए नारकीय जीवन का हिसाब-किताब बिहार के डिप्टी सीएम (Deputy CM) से मांगने पहुंचे थे. हालांकि इस दौरान पुलिस (Police) भी प्रदर्शनकारियों के साथ ही चल रही थी. लेकिन, पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को रोक पाने में सफल नहीं रही. सुशील मोदी (Sushil Modi) के पीए ने प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें सोमवार सुबह 10 बजे आने की सलाह दी.

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नाराज लोग सुशील मोदी (Sushil Modi) के आवास पर ही नहीं रुके. लोगों ने राजेन्द्र नगर (Rajendra Nagar) के बांकीपुर अंचल का भी घेराव किया. नाराज लोग मेयर सीता साहू के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. नाराज लोगों के गुस्से को शांत कराने आनन-फानन में पटना की एसडीएम को निगम दफ्तर पहुंचना पड़ा. लोगों की नाराजगी को देखते हुए दल-बल के साथ डीएसपी सुरेश प्रसाद भी निगम दफ्तर पहुंचे. नाराज लोगों ने निगम दफ्तर में पैक हो रहे ब्लीचिंग पाउडर पर भी सवाल उठाए. स्थानीय लोगों ने ब्लीचिंग पाउडर (bleaching powder) पैक कर रहे मजदूर से ब्लीचिंग पाउडर और चूने की मात्रा का मिश्रण पूछा तो मजदूर ने बताया कि 4 बोरा चूना में एक बोरा ब्लीचिंग पाउडर मिलाया जा रहा है. जिसके बाद लोगों की नाराजगी और बढ़ गई. लोगों का कहना था कि दो या तीन बोरा चूना में एक बोरा ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल होना चाहिए. लेकिन ब्लीचिंग पाउडर (bleaching powder) छिड़काव के मामले में भी यहां घोटाला ही हो रहा है.

पटना एसडीएम के समझाने के बाद स्थानीय लोग निगम के दफ्तर को छोड़ राजेन्द्र नगर पुल की तरफ निकल गए और कुछ देर के लिए पुल को भी जाम कर दिया. लोगों ने कहा कि हमें हमारे हुए नुकसान का सरकार से उचित मुआवजा चाहिए सिर्फ खानपूर्ति से काम नहीं चलने वाला है.