STF की बड़ी कामयाबी, बोधगया ब्लास्ट का एक और मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

इससे पहले एनआईए और एसटीएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर रज्जाक को गिरफ्तार करने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली थी.

STF की बड़ी कामयाबी, बोधगया ब्लास्ट का एक और मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
बोधगया ब्लास्ट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार. (फाइल फोटो)

पटना : भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया में वर्ष 2013 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस में एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है. ब्लास्ट में शामिल एक और मास्टरमाइंड को पश्चिम बंगाल के बर्द्धमान रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार अब्दुल रज्जाक ने ही ब्लास्ट में उपयोग की गई कार को चुराया था. इसे एसटीएफ की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है.

आतंकियों ने मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में ब्लास्ट का ब्लू प्रिंट तैयार किया था. इससे पहले एनआईए और एसटीएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर रज्जाक को गिरफ्तार करने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली थी.

बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट केस में सभी आरोपी दोषी करार, 31 मई को सजा पर सुनवाई

एसटीएफ को खूफिया तंत्रों से मिली जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई और वर्धमान रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार किया गया. वह वर्धमान में जगह बदल-बदल कर बीते कुछ समय से रह रहा था.  

इसी वर्ष 25 मई को सीरियल बम ब्लास्ट केस में एनआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था. एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया. सुनवाई के लिए पांच आरोपियों को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट ने सभी पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

इसके अलावा नाबालिग उमर सिद्दीकी को 3 साल की सजा दी गई. पिछले साल नवंबर में उसकी सुनवाई के दौरान दोषी करार दिया गया था और तीन साल के लिए बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया था.

सात जुलाई 2013 की सुबह बोधगया में सीरियल बम धमाके हुए थे और तीन अलग-अलग जगहों से जिंदा बम भी बरामद किए गए थे. इस पूरे मामले की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए कर रही है. एनआईए ने बम धमाका मामले में छह आतंकियों को गिरफ्तार किया था.