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दरभंगा: हराही पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने चला बुलडोजर, कई मकानों को तोड़ा गया

सदर एसडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि अतिक्रमणकारियों को कई बार नोटिस दिया गया है, लेकिन उन्होंने खाली नहीं किया. जिला प्रशासन और नगर निगम के द्वारा जिन मकानों को तोड़ा जा रहा है उन्हें तोड़ने का खर्च मकान मालिकों से वसूला जाएगा.

दरभंगा: हराही पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने चला बुलडोजर, कई मकानों को तोड़ा गया
हराही पोखर को किया जा रहा अतिक्रमण मुक्त.

दरभंगा: बिहार का सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा (Darbhanga) में तलाबों से पक्के अतिक्रमण हटाने की योजना का असर बुधवार को देखने को मिला. नगर आयुक्त और सदर एसडीओ की मौजूदगी में नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने दरभंगा स्टेशन के पास स्थित हराही तालाब के किनारे अतिक्रमण कर बने पक्के मकानों को तोड़ दिया. बुलडोजर और जेसीबी के सहारे देखते ही देखते पक्के मकान धराशायी हो गए.

विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थी. नगर आयुक्त घनश्याम मीणा ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कर वहां पौधारोपण की योजना है.

उन्होंने कहा कि यह अभियान शहर के सभी सरकारी तालाबों के पास चलाया जाएगा. अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर पहले से ही नोटिस भेजी जा चुकी है. उधर, सदर एसडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि अतिक्रमणकारियों को कई बार नोटिस दिया गया है, लेकिन उन्होंने खाली नहीं किया. जिला प्रशासन और नगर निगम के द्वारा जिन मकानों को तोड़ा जा रहा है उन्हें तोड़ने का खर्च मकान मालिकों से वसूला जाएगा. 2.50 लाख रुपये के लगभग रोजाना खर्च आयेगा. अगर खर्च नहीं देंगे तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. अगर वे अतिक्रमण हटाने का विरोध करते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने के आदेश दे दिए गए हैं.

बता दें कि दरभंगा को तालाबों का शहर कहा जाता है. इस शहर में हराही, दिग्घी, गंगासागर, लक्ष्मीसागर और मिर्जा खां तालाब के नाम से पांच विशाल तालाब हैं. इनके अलावा रिकॉर्ड में तालाबों की संख्या पांच सौ से ज्यादा है. लेकिन अब भू-माफियाओं ने सभी बड़े-छोटे तालाबों की काफी जमीन भर कर उन्हें बेच दिए हैं. उन पर बड़े-बड़े मकान बन चुके हैं. इसकी वजह से अधिकतर तालाबों के अस्तित्व भी मिट चुके हैं. अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ नगर निगम और जिला प्रशासन के लिए असली चुनौती भू-माफियाओं द्वारा बेची गई तालाबों की जमीन को खाली करवाने की होगी.