झारखंड: हजारीबाग में पुरातत्व विभाग कर रहा खुदाई, मिल रहे 11वीं सदी के सबूत

10 किलोमीटर दूर जुलजुल पहाड़ी वैसे तो अपने खूबसूरती के लिए जाना ही जाता था लेकिन इस समय इसकी खूबसूरती से ज्यादा यहां पर हो रही भारतीय पुरातत्व विभाग के द्वारा खुदाई की चर्चा आम है. 

झारखंड: हजारीबाग में पुरातत्व विभाग कर रहा खुदाई, मिल रहे 11वीं सदी के सबूत
2019 के नवंबर महीने से खुदाई काम शुरू किया गया है.

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर जुलजुल पहाड़ी वैसे तो अपने खूबसूरती के लिए जाना ही जाता था लेकिन इस समय इसकी खूबसूरती से ज्यादा यहां पर हो रही भारतीय पुरातत्व विभाग के द्वारा खुदाई की चर्चा आम है. 

इसे देखने और समझने के लिए अब लोग अधिक पहुंच रहे हैं. भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा इस पहाड़ी क्षेत्र में किये गए सर्वे के बाद 2019 के नवंबर महीने से खुदाई काम शुरू किया गया.

इनके सर्वे में इन्हें इस स्थान पर इतिहास के वो पन्ने दबे होने के आसार दिखे जिससे इस क्षेत्र सहित राज्य के लोग अनभिज्ञ थे. जैसे-जैसे खुदाई शुरू हुई और समय बीतता गया यहां से खुदाई के क्रम में 9वीं से 11वीं सदी के सबूत मिलने शुरू होने लगे

इस खुदाई में उस काल खंड के दीवार इसकी लंबाई मोटाई क्रमशः 32 गुना 28 और 40 गुण 28 सेंटीमीटर के ईट मिलने का प्रमाण दिख रहा है. इस तरह के ईंट का प्रयोग पाल वंश के समय किया जाता था. अनुमान ये लगाया जा रहा है कि इस परिसर में बुद्ध काल स्तूप रहा होगा जहां उस समय के लोग प्रार्थना किया करते होंगे.