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BRICS सम्मेलन में अश्विनी चौबे ने सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को कराया योगासन

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2025 तक स्तनपान कराने की दर में वृद्धि करते हुए उसे लगभग 70 फीसदी से अधिक तक ले लाना है. 

BRICS सम्मेलन में अश्विनी चौबे ने सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को कराया योगासन
BRICS सम्मेलन में शामिल हुए अश्विनी चौबे. (तस्वीर- Twitter@AshwiniChoubey)

पटना: ब्राजील के क्यूरिटिबा शहर में आयोजित ब्रिक्स के 9वें स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भारत में नवजात शिशुओं को स्तनपान कराने और मानव दूध बैंक की स्थिति से सदस्य देशों को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि भारत निरंतर बेहतर कर रहा है. स्तनपान को लेकर जन जागरूकता अभियान का असर तेजी से हुआ है. भारत में स्तनपान कराने के दर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2025 तक स्तनपान कराने की दर में वृद्धि करते हुए उसे लगभग 70 फीसदी से अधिक तक ले लाना है. मंत्रालय स्तर पर इसे लेकर नियमित तौर पर अभियान चलाया जाता है. ताकि नवजात को स्तनपान के प्रति जागरूकता आ सके. 

चौबे ने कहा कि निरंतर विकास के लक्ष्यों के तहत भारत का वार्षिक नवजात मृत्यु दर 23/1000 से घटाकर 12/1000 प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य है. इसमें स्तनपान का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है. जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान कराने की प्रारंभिक जागरूकता नवजात मृत्यु दर को रोक सकती है. भारत इस ओर सतत प्रयास कर रहा है. मानव दूध बैंक को ध्यान में रखकर भी ठोस कदम उठाए गए हैं. शिशु के साथ मातृ मृत्यु दर को भी कम किया गया है.

उन्होंने कहा कि भारत पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करने के लिए जीवन के पहले छह महीनों के दौरान विशेष रूप से मानव दूध तक पहुंच के महत्व को पहचानता है. इस ओर मानव दूध बैंक एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है. इसलिए इसे बढ़ावा देने, संरक्षण और समर्थन करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि बाल आबादी के लिए भूख और कुपोषण को कम किया जा सके. सभी माताओं के लिए घर पर, घर के बाहर और कार्य स्थल पर स्तनपान कराने का एक बेहतर वातावरण का भी निर्माण हो. इसे ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने सस्ती दवाइयों को लेकर भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से भी सदस्य देशों को अवगत कराया. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीवनरक्षक दवाइयों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्य फोकस किया गया है. जन औषधी और आयुष्मान भारत योजना एक महत्वपूर्ण कदम है. ब्रिक्स के अन्य सदस्य देश चीन, ब्राजील, रूस व दक्षिण अफ्रीका ने भी भारत के प्रयासों की सराहना की. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे अभियान से भी अवगत कराया. उन्होंने कहा कि जहां पूरे विश्व में 2030 टीबी मुक्त के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वहीं 2025 तक भारत में सभी टीबी मुक्त देश को लेकर काम कर रहे हैं.

अश्विनी चौबे ने सम्मेलन में आए लोगों को योग का अभ्यास कराया. उन्होंने कहा कि योग के महत्व से सभी को अवगत कराया. सूर्य नमस्कार व प्रतिदिन किए जाने वाले आसन आदि की जानकारी दी.