किशनगंज: अयोध्या राम मंदिर फैसले से AIMIM नेता दुखी, कहा- 'उचित इंसाफ नही मिला'

एआईएमआईएम के नेता ने कहा कि मस्जिद पक्षधर के लोगों के उम्मीदों के खिलाफ फैसला हुआ है. इस फैसले से मुस्लिमों के विश्वास में कमी आ रही है कि सही और उचित इंसाफ नही मिला. 

किशनगंज: अयोध्या राम मंदिर फैसले से AIMIM नेता दुखी, कहा- 'उचित इंसाफ नही मिला'
बिहार में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष हैं अख्तरुल ईमान. (तस्वीर साभार- @Akhtaruliman5)

किशनगंज: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान (Akhtarul Iman) ने अयोध्या में राम लला (Ayodhya ram mandir) के मंदिर निर्माण फैसले को लेकर बड़ा बयान दिया हैं. अख्तरुल ईमान ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले से दुःखी हैं. उन्होंने कहा कि मस्जिद के हक में फैसला नही आने से वह दुखी हैं.

एआईएमआईएम के नेता ने कहा कि मस्जिद पक्षधर के लोगों के उम्मीदों के खिलाफ फैसला हुआ है. इस फैसले से मुस्लिमों के विश्वास में कमी आ रही है कि सही और उचित इंसाफ नही मिला. उन्होंने कहा कि लड़ाई जमीन के टाइटल सूट का था, ना कि मंदिर-मस्जिद की लड़ाई थी. 

ईमान ने कहा कि फैसला होना था, जमीन हमारी है तो हमे जमीन दिलाई जाती. अगर हमारी जमीन नही है तो जमीन नही दिलाई जाती. उन्होंने कहा कि पांच एकड़ जमीन दिलवाने का क्या मतलब है?वहीं, मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन पर ईमान ने कहा कि किसी का भीख और खैरात देने का क्या मतलब होता है. किसी नाजायज जमीन पर मस्जिद और अल्लाह का घर नही बन सकता है.

गौरतलब है कि देश के सबसे पुराने मुकदमों में शुमार अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद (Ayodhya Ram Temple-Babri Masjid) विवाद पर 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यी पीठ ने सर्वसम्मत से उसी जमीन पर राम मंदिर (Ram Temple) बनाने का फैसला दिया था. साथ ही मस्जिद निर्माण के लिए सरकार को पांच एकड़ जमीन अयोध्या में देने का फैसला दिया था.