Barh: 200-200 रुपए चंदा कर बनाते है कमजोर पुल, अब तक कई लोगों ने गंवाई जान

Barh Samachar: स्थानीय ग्रामीणों घर-घर 200 रुपए चंदा करके अस्तर से बांस का पुल बनाकर वार्ड संख्या 10 के पास आना-जाना करते हैं. बांस का पुल कमजोर होने के चलते अक्सर इस पर चलने वाले लोग फिसल कर नदी में भी गिर जाते हैं. कई बार तो बच्चे दुर्घटनाग्रस्त होकर बाल-बाल बचे है.

Barh: 200-200 रुपए चंदा कर बनाते है कमजोर पुल, अब तक कई लोगों ने गंवाई जान
200-200 रुपए चंदा कर बनाते है कमजोर पुल. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Barh: बाढ़ प्रखंड के सरकट्टी पंचायत के अटनामा गांव वार्ड संख्या पांच के ग्रामीणों का हाल बुरा है. मुख्यमंत्री 'सात निश्चय योजना' के विद्युतीकरण योजना को छोड़कर इस वार्ड में कोई भी सरकारी योजना नजर नहीं आती है. वहीं, दूसरी तरफ यहां रहने वाले लोगों को आने जाने के लिए नदी पर ना तो पुल है और ना ही नदी को पार करने का कोई वैकल्पिक रास्ता.

स्थानीय ग्रामीणों घर-घर 200 रुपए चंदा करके अस्तर से बांस का पुल बनाकर वार्ड संख्या 10 के पास आना-जाना करते हैं. बांस का पुल कमजोर होने के चलते अक्सर इस पर चलने वाले लोग फिसल कर नदी में भी गिर जाते हैं. कई बार तो बच्चे दुर्घटनाग्रस्त होकर बाल-बाल बचे है. इस कमजोर चचरी पुल पर ना तो वाहन चल सकती है ना मोटरसाइकिल पार करायई जा सकती है. जिसके चलते इलाके के लोग अपने आप को असहाय मानते हैं.

ग्रामीणों चुनाव के वक्त इलाके के भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू एवं स्थानीय सांसद ललन सिंह से कई बार गुहार लगा चुके हैं. लेकिन आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस गंभीर मुद्दे के प्रति अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाई. जिसको लेकर यहां के लोग खासा नाराज हैं. नदी जब उफान पर होती है तो लोगों को नाव से आना जाना पड़ता है और कई बार तो नदी में नाव पलट जाने पर गांव के लोग अपनी जान भी गवां चुके हैं.

सब से ज्यादा परेशानी यहां के रहने वाले बच्चों को होती है क्योंकि वार्ड में कोई प्राथमिक विद्यालय तक की व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते जब तक नदी में बाढ़ की समस्या बनी रहती है तब तक इलाके के बच्चे पढ़ाई से वंचित रहते हैं. बाढ़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार सिन्हा पंचायत के विकास कार्यों का जायजा लेने इलाके पहुंचते तो हैं लेकिन इस गंभीर समस्या के प्रति कभी भी ध्यान नहीं दिया. 

पंचायत के युवा मुखिया सोनू कुमार से लोगों को उम्मीद थी लेकिन उन्होनें आज तक वार्ड संख्या 5 के विकास कार्यों का जायजा लेने का काम तक नहीं किया और ना ही यहां कोई विकास कार्य कराने में दिलचस्पी दिखाई. इसके चलते इन इलाकों में समस्या की भरमार है. ना तो 'नल जल योजना' के तहत इलाके में पाइप लाइन बिछाई गई है और ना ही इलाके के नली गली योजना को दुरुस्त किया गया है. इलाके के ग्रामीणों ने अब समस्या को लेकर जिला अधिकारी के यहां शिकायत करने की बात कही है.  

(इनपुट- अंशु राज)